Dehradun News: विभाग ने पहले की शिक्षकों की वेतन वृद्धि, अब वसूली का जारी कर दिया फरमान
विद्यालयी शिक्षा के शिक्षकों की ओर से आयोजित चिंता शिविर में शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इस दौरान कहा गया कि एससीईआरटी और डायट के लिए शिक्षा संवर्ग का गठन केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप होना चाहिए, जिससे गुणवत्ता सर्वेक्षण के लिए जवाबदेह इन संस्थानों की स्वयं की गुणवत्ता बढ़े।
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विभाग ने पहले चयन पर शिक्षकों को वेतन वृद्धि दी और अब वसूली का फरमान जारी कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि नियमानुसार विभाग को अपने पहले रुख पर कायम रहना चाहिए और तत्काल वसूली के आदेश पर रोक लगानी चाहिए। यह विमर्श विद्यालयी शिक्षा के शिक्षकों की ओर से आयोजित चिंता शिविर में समस्याओं पर चर्चा के दौरान किया गया।
राजकीय शिक्षक संघ एससीईआरटी शाखा के अध्यक्ष डॉ. अंकित जोशी की अध्यक्षता में आयोजित चिंता शिविर में वक्ताओं ने कहा कि ऐसा ही कुछ शिक्षकों के साथ यात्रा अवकाश के मामले में भी हुआ है। उच्च शिक्षा में तो यात्रा अवकाश आज भी दिया जा रहा है, जबकि विद्यालयी शिक्षा में समाप्त कर दिया गया है।
एससीईआरटी और डायट के लिए शिक्षा संवर्ग का गठन केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप होना चाहिए, जिससे गुणवत्ता सर्वेक्षण के लिए जवाबदेह इन संस्थानों की स्वयं की गुणवत्ता बढ़े। हरियाणा की स्थानांतरण नीति के स्थान पर स्थानांतरण अधिनियम में ही संशोधन करते हुए पिछले कोटिकरण को व्यावहारिक बनाना चाहिए।
70 प्रतिशत से अधिक पद वर्तमान
अकादमिक प्रशासनिक संवर्ग संबंधी शासनादेश को निरस्त किया जाना चाहिए, शिक्षकों, प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्यों को इन पदों पर प्रोन्नत किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि एलटी से प्रवक्ता पद पर 2269 पदों पर पदोन्नतियां न हो पाने से न केवल शिक्षकों का अहित हो रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं का भविष्य भी चौपट हो रहा है।
उत्तराखंड के राजकीय इंटर कॉलेजों में 1386 प्रधानाचार्यों के पद हैं, जो पदोन्नति के पद हैं। इसके अलावा 912 हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के पद भी पदोन्नति के हैं। हाई स्कूल व इंटरमीडिएट दोनों ही स्तरों पर पदोन्नति के इन पदों में से 70 प्रतिशत से अधिक पद वर्तमान में रिक्त चल रहे हैं।
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चिंता शिविर में मक्खन लाल शाह, मनोज किशोर बहुगुणा, विनोद मल्ल, राजेश गैरोला, आलोक रौथाण, विनय थपलियाल, मक्खन लाल शाह, भुवनेश पंत, रमेश पंत, नरेश जमलोकी, ओम प्रकाश सेमवाल, हरीश बड़ोनी, रंजन भट्ट, राकेश गैरोला, दिवाकर पैन्यूली, सुजीत कंडारी आदि उपस्थित रहे।