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शिक्षा बंधुओं के नियमित होने का रास्ता साफ
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 04 Nov 2013 11:23 AM IST
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उत्तराखंड में माध्यमिक स्कूलों में तदर्थ रूप से कार्यरत 550 शिक्षा बंधुओं के नियमित होने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को इनके नियमितीकरण के लिए गाइडलाइन दे दी है।
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तदर्थ शिक्षा बंधु संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत का कहना है कि कोर्ट ने एक माह पूर्व नियमितीकरण का आदेश दिया था, लेकिन विभाग लापरवाह बना हुआ था।
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संघ ने शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल और अपर निदेशक नरेंद्र बहुगुणा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मामला दायर किया गया तो विभाग हरकत में आया। रावत ने कहा कि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए नियमावली पांच नवंबर 2011 को ही जारी हो गई थी, लेकिन विभाग इसे टाले हुए था। बताया कि शिक्षा बंधु 13 वर्ष से स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
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पानी की टंकी पर चढ़े थे
शिक्षा बंधुओं ने नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन किया था। छह जनवरी 2013 को कुछ शिक्षा बंधु शिक्षा निदेशालय में पानी की टंकी पर भी चढ़े थे।
इन्हें भी इंतजार
शिक्षा मंत्री के लिखित आश्वासन के बावजूद अशासकीय स्कूलों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को नियमित नहीं किया जा सका है। माध्यमिक शिक्षक संघ के इकाई मंत्री अश्वनी कुमार चौहान और सत्यप्रकाश ममगाईं बताते हैं कि वर्षों से अध्यापन के बावजूद विभाग उनकी अनदेखी कर रहा है।