फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Education and irrigation department pulls heavy on students

छात्रों पर भारी शिक्षा और सिंचाई विभाग की खींचातानी

Sun, 11 Aug 2019 02:21 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 02:21 AM IST
विज्ञापन
Education and irrigation department pulls heavy on students
प्राइमरी स्कूल डाकपत्थर में बदहाल पड़ा बहुद्देशीय भवन। - फोटो : VIKAS NAGAR
शिक्षा और सिंचाई विभाग की आपसी खींचातान कभी भी जीआईसी डाकपत्थर में पढ़ने वाले छात्रों पर भारी पड़ सकती है। कहने को तो पूरा स्कूल चार ब्लॉक (बिल्डिंग) में विभाजित है, लेकिन वर्तमान में एक भवन रखरखाव के अभाव में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। स्कूल प्रशासन ने खतरे के डर को भांपते हुए इस भवन में छात्रों के बैठने पर रोक लगा दी है। वहीं, मुख्य भवन के दो कमरों में भी बरसात शुरू होते ही पानी टपकने लगता है। इससे दोनों कमरों में पानी भर जाता है। साथ ही स्कूल के अन्य ब्लॉकों में भी कमरे सीलन की चपेट में आ गए हैं।
विज्ञापन

70 के दशक में परियोजना क्षेत्र डाकपत्थर में सिंचाई विभाग ने जीआईसी डाकपत्थर के भवन का निर्माण कराया था। इसमें लंबे समय से शिक्षा विभाग स्कूल का संचालन करता आ रहा है, लेकिन राज्य गठन के बाद से दोनों ही विभाग स्कूल मरम्मत के नाम पर एक दूसरे पर पल्ला झाड़ते आ रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि अब स्कूल परिसर में बना एक भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस भवन के कमरों में लंबी-लंबी दरारें पड़ी हुई हैं। वहीं, मुख्य भवन के कमरे में भी पानी टपकने लगा है। दोनों विभाग बजट का रोना रोकर एक-दूसरे के ऊपर अपनी जिम्मेदारियों का ठीकरा फोड़ रहे हैं। अभिभावक सुरेश चौहान, अमित तोमर, रिंकी पंवार आदि का कहना है कि स्कूल परिसर में खड़ा निष्प्रोज्य भवन कभी भी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के लिए खतरा बन सकता है। शासन-प्रशासन को शीघ्र नए भवन का निर्माण करना चाहिए। ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
विज्ञापन

----
प्राइमरी में भी कमोवेश यही हालात
डाकपत्थर स्थित प्राइमरी स्कूल में बना बहुद्देशीय भवन भी मरम्मत के अभाव में पूरी तरह से खंडहर बन चुका है। इस भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी पर भी दोनों विभागों में खींचातानी है। स्कूल की खस्ताहालत को देखते हुए दो वर्ष पूर्व शिक्षा विभाग ने अपने मद से मुख्य भवन की मरम्मत कराई थी, लेकिन अब भी बहुद्देशीय भवन की मरम्मत नहीं हो सकी है। ऐसे में यह भवन भी खंडहर में तब्दील हो चुका है। बरसात में कभी भी यह भवन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
कभी थे सबसे बड़े स्कूल
परियोजना क्षेत्र में 70 के दशक में शुरू हुए प्राइमरी और इंटर कॉलेज डाकपत्थर कभी अविभाजित उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े स्कूलों में से एक थे। इंटर कॉलेज में करीब 3000 छात्र एक साथ शिक्षा ग्रहण करते थे, लेकिन राज्य गठन के बाद से ही स्कूूल की हालत बिगड़ती चली गई।
कोट,,,,,
स्कूल सिंचाई विभाग के भवन में संचालित है। ऐसे में रखरखाव की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। पूर्व में भी रखरखाव के लिए विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। एक बार फिर से विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।

-वीपी सिंह, खंड शिक्षाधिकारी, विकासनगर
कोट,,,,
सिंचाई विभाग ने शिक्षा विभाग को स्कूल संचालित करने के लिए जमीन और भवन मुहैया कराया है। इसका कोई भी शुल्क शिक्षा विभाग से नहीं लिया जाता। ऐसे में यदि शिक्षा विभाग रखरखाव के लिए बजट मुहैया कराता है तो विभाग इसकी मरम्मत कराएगा। यदि विभाग को लगता है कि भवन निष्प्रोज्य है तो इसकी सूचना लिखित में विभाग को दे सकता है। जिसके बाद उसे ध्वस्त कराया जाएगा।
-एके वर्मा, अधिशासी अभियंता, अवस्थापना खंड सिंचाई विभाग, डाकपत्थर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed