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Earthquake in Uttarakhand: बागेश्वर के बाद अब उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके
Sat, 09 Jan 2021 06:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 09 Jan 2021 06:03 PM IST
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शनिवार को उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए
- फोटो : Amar Ujala
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एक दिन पहले शुक्रवार को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भूकंप का झटका आने के बाद अब शनिवार को उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिला मुख्यालय समेत गंगा घाटी क्षेत्र में शनिवार पूर्वाह्न करीब साढ़े ग्यारह बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
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रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.3 मापी गई। भूकंप से जिले में किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन वर्ष 1991 में विनाशकारी भूकंप की त्रासदी झेल चुके जनपदवासियों में भूकंप का भय बना हुआ है।
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भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील जोन-4 व 5 में आने वाले उत्तरकाशी जनपद में भूकंप का लंबा इतिहास रहा है। शनिवार सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर जिला मुख्यालय सहित भटवाड़ी क्षेत्र में भूकंप के तेज झटके से धरती डोली। भूकंप का झटका महसूस होते ही लोग अपने घर दुकानों से बाहर निकल आए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.3 मापी गई है। इसका केंद्र भटवाड़ी प्रखंड के गोरसाली गांव के जंगल में जमीन से दस किमी गहराई में था। भूकंप महसूस होते ही आपदा कंट्रोल रूम एक्टिव हो गया। सभी तहसीलों से संपर्क कर भूकंप के बारे में अपडेट ली गई। यमुना घाटी क्षेत्र में भूकंप का झटका महसूस नहीं किया गया। गंगा घाटी क्षेत्र में भी भूकंप से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है
शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर उत्तराखंड की धरती भूकंप के झटके से डोल उठी थी। बागेश्वर में शुक्रवार की सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.3 मापी गई थी। सभी तहसील और थानों को सूचित कर दिया गया था। किसी नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई।
भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील
भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील है। बागेश्वर जोन फाइव में आता है और भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
पिछले माह दिसंबर की पहली तारीख को भी सुबह उत्तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र बहादराबाद ब्लॉक के औरंगाबाद क्षेत्र का डालूवाला कलां गांव था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ था।
आपदा प्रबंधन विभाग के सलाहकार डॉ. हरिबल्लभ कुनियाल के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह करीब 9.41 बजे लगभग डेढ़ से दो सेकेंड तक महसूस किए गए थे और इसकी गहराई करीब 40 किलोमीटर नीचे थी। भूकंप 30.3 अक्षांतर और 77.95 देशांतर पर था।
उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के पूर्वानुमान की अब और अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई और यूसर्क की ओर से देहरादून के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में राज्य का पहला रेडान सेंटर स्थापित किया गया है।
पिछले माह दिसंबर की पहली तारीख को भी सुबह उत्तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र बहादराबाद ब्लॉक के औरंगाबाद क्षेत्र का डालूवाला कलां गांव था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ था।
आपदा प्रबंधन विभाग के सलाहकार डॉ. हरिबल्लभ कुनियाल के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह करीब 9.41 बजे लगभग डेढ़ से दो सेकेंड तक महसूस किए गए थे और इसकी गहराई करीब 40 किलोमीटर नीचे थी। भूकंप 30.3 अक्षांतर और 77.95 देशांतर पर था।
उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के पूर्वानुमान की अब और अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई और यूसर्क की ओर से देहरादून के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में राज्य का पहला रेडान सेंटर स्थापित किया गया है।