फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   earthquake suffer uttarakhand.

आपदा के बाद उत्तराखंड में भूकंप से होगी तबाही!

Fri, 20 Feb 2015 12:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून-लखनऊ
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून-लखनऊ Updated Fri, 20 Feb 2015 12:56 PM IST
विज्ञापन
earthquake suffer uttarakhand.

दो साल पहले केदारनाथ में तबाही झेलने वाले उत्तराखंड पर अब भूकंप से तबाही का खतरा है।

विज्ञापन


अमेरिका के भू वैज्ञानिक प्रो. रोजर बिलहम ने इसकी आशंका जताई है। प्रो. बिलहम का कहना है कि उत्तराखंड के मध्य कुमाऊं में पृथ्वी की परतों में तनाव मिला है। इसकी वजह से विनाशकारी भूकंप आने की संभावना पैदा हो गई है।

यह भूकंप कब आएगा? इसका आंकलन तो नहीं किया जा सका है, लेकिन यह आना तय है। बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोबॉटनी (बीएसआईपी) में आयोजित कांफ्रेंस में प्रो. बिलहम ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन


गुरुवार को अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत करते हुए प्रो. ने उत्तराखंड में भूकंप के खतरे की जानकारी दी।

पहले भी लगा चुके हैं भूकंप का पूर्वानुमान

earthquake suffer uttarakhand.

प्रो. बिलहम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई अलग-अलग हिस्सों में भूकंप और उसकी तीव्रता का पूर्वानुमान लगा चुके हैं।

प्रो. बिलहम का कहना है कि भूकंप का खतरा उत्तराखंड में खासतौर पर चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और बालेश्वर में सबसे ज्यादा है। इसके नुकसान को सरकार केवल क्षेत्र में भूकंपरोधी निर्माण करवाकर ही कम कर सकती है।

इसके अलावा अवैध खनन और निर्माण को तुरंत रोकने का सुझाव दिया है। वहीं, पर्यावरणविद डॉ. वीके जोशी का कहना है कि भूकंप की पुनरावृत्ति 100 साल के बाद होती है। इस इलाके में 1905 में हिमाचल प्रदेश में भूकंप आया था। ऐसे में संभावना है कि उत्तराखंड जल्द ही भूकंप की चपेट में होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed