चमोली, रुद्रप्रयाग में फिर भूकंप के झटके, केदारपुरी भी कांपी
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बुधवार शाम 4.56 मिनट पर रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक भूकंप का झटका महसूस किया गया। भूकंप के झटके से लोग सहम गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। जनपद में किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र चमोली में था, जो रिक्टर स्केल पर 4 था। मई माह के तीसरे सप्ताह में भी 3.2 रिक्टर स्केल का झटका महसूस किया गया था।
नेपाल में आए भूकंप के बाद से निरंतर आ रहे भूकंप के झटकों से लोग सहमे हुए हैं। ऊखीमठ निवासी सरस्वती धिरवाण ने बताया कि वे किचन में चाय बना रही थीं, अचानक तेज कंपन से किचन में रखे कई डिब्बे हिलते हुए गिर गए, जिससे वे बाहर दौड़ गईं। जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने बताया कि जिले में स्थिति सामान्य है।
केदारपुरी में भी महसूस हुआ झटका
बुधवार शाम को भूकंप का तेज झटका केदारनाथ में भी महसूस किया गया। निम के रंजीत सिंह नेगी ने बताया कि वे कंट्रोल रूम में थे, इसी दौरान तेज झटका महसूस हुआ। धाम में मंदिर सहित एमआई-26 हेलीपैड पर बनी टेंट कॉलोनी से लेकर पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।
चमोली था भूकंप का केंद्र, 4.4 रिक्टर की तीव्रता
बुधवार को चमोली जिले में शाम 4 बजकर 58 मिनट पर भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.4 नापी गई। भूकंप का केंद्र चमोली जिला था।
भूकंप की गहराई दस किमी होने के कारण अधिकांश लोगों को झटके का एहसास नहीं हुआ। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि जिले में भूकंप से किसी भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
श्रीगर में भी झटके
श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में भी भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। हालांकि, इसकी तीव्रता कम होने के कारण ज्यादातर लोगों को इसका पता नहीं चला। स्थानीय निवासी रमेश और गीता ने बताया कि शाम लगभग पांच बजे जब वे चाय पी रहे थे, तो उन्हें कप में चाय हिलती हुई दिखाई दी, तब उन्हें भूकंप का आभास हुआ। जब तक वह घर के बाहर आए, तब तक कंपन बंद हो गई।