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उत्तराखंड का लक्ष्य, 2025 तक हर व्यक्ति होगा ई-एजूकेट

Thu, 12 Jan 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 12 Jan 2017 12:42 AM IST
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e-education in uttarakhand.
एजुकेशन - फोटो : demo pics

2025 तक प्रदेश का हर व्यक्ति ई-एजूकेट होगा। प्रदेश की नई आईटी नीति में यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका मकसद लोगों को ई-साक्षर बनाकर प्रदेश सरकार को ई-गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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कैबिनेट की मंजूरी के बाद नई आईटी नीति का फाइनल ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसमें आईटी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए रियायतों की बौछार की गई है।

17 दिसंबर की कैबिनेट बैठक में प्रदेश की नई सूचना और संचार प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक नीति को मंजूरी दी गई थी। यह नीति दस सालों के लिए तैयार की गई है। हर तीन साल पर इस नीति की समीक्षा और संशोधन किया जाएगा। नई आईटी नीति के तहत प्रदेश के सभी दफ्तरों के कामकाज को 2018 तक कंप्यूटराइज्ड करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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आईटी उद्योग लगाने पर 45 लाख सब्सिडी

e-education in uttarakhand.
rgd - फोटो : gettyimages

आईटी के क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए लिए पूरे प्रदेश को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें पर्वतीय इलाकों में निवेश करने पर अधिक रियायत दी गई है।

पर्वतीय इलाकों में आईटी उद्योग लगाए जाने की स्थिति में कैपिटल पर 45 फीसदी या अधिकतम 45 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

आईटी उद्योगों द्वारा वैकल्पिक ऊर्जा का इस्तेमाल करने पर 10-20 फीसदी की सब्सिडी के साथ-साथ स्टांप शुल्क में छूट दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने पर सरकारी प्रभार में शत-प्रतिशत छूट की व्यवस्था की गई है।

ये हैं आईटी नीति के प्रमुख बिंदु 

e-education in uttarakhand.

- प्रदेश के सभी बड़े शहरों में सूचना प्रौद्योगिकी हब की होगी स्थापना। 
- रामनगर/पंतनगर में आईटी पार्क की स्थापना। 
- व्यक्तिगत अभिलेख सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल लॉकर की व्यवस्था। 
- पर्वतीय जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आईटी के मार्फत बेहतर बनाना। 
- आईटी के उपयोग से सर्विस सेक्टर के कामकाज में सुधार। 
- आईटी के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना। 
- आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर को बढ़ाना। 
- राज्य में 2025 तक तीन इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद कलस्टर की स्थापना। 
- ग्रामीण क्षेत्रों में गैर कृषि स्थानीय रोजगार के विकल्प का सृजन। 
- इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा। 
- नए आईटी उद्योगों को क्षेत्र को हिसाब से रियायत। 
- पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने पर मिलेगी अधिक  रियायत। 
- हर जिले में ई-जिला प्रबंधक की होगी तैनाती। 

कैबिनेट की बैठक में (17 दिसंबर) को प्रदेश की नई आईटी नीति को मंजूरी दे दी गई थी। अब इसका फाइनल ड्राफ्ट जारी कर दिया है। नई आईटी नीति में प्रदेश में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। इसमें प्रदेश में आईटी के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 
- दीपक कुमार, आईटी सचिव

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