सचिवालय पहुंची ई-कार, लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि धक्का लगाते रह गए अधिकारी
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ट्रायल के लिए सचिवालय लाई गई इलेक्ट्रिक कार पहले दिन ही धोखा दी गई। सचिवालय में कई अधिकारी कार का ट्रायल ले रहे थे। इस दौरान कार की बैटरी डिस्चार्ज हो गई और कार बंद हो गई।
कार को धक्का लगाकर किनारे लगाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि जो कार ट्रायल के लिए गई थी उसकी बैटरी पूरी तरह से चार्ज नहीं थी। इस वजह से कार बंद हो गई। कार की बैटरी एक बार पूरी तरह से चार्ज करने पर यह 140 किलोमीटर तक चलती है।
सचिवालय के अधिकारी अब इलेक्ट्रिक कार में सफर करेंगे। इसके लिए सचिवालय में 20 इलेक्ट्रिक कार लाई जाएंगी। फिलहाल सोमवार को पहली इलेक्ट्रिक कार ट्रायल के लिए सचिवालय लाई गई।
भारत सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के अधिकारियों ने पहली इलेक्ट्रिक कार की चाभी मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को सौंपी। ई-कार सचिव वित्त अमित नेगी को ट्रायल के लिए सौंपी गई है।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने ई-कार को प्राथमिकता देने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत शासन में तैनात अधिकारियों के लिए 20 कार मंगाई जाएंगी। महिंद्रा कंपनी की सेडान कार ईईएसएल द्वारा 38 हजार रुपये के मासिक किराये पर शासन को उपलब्ध कराएगी। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया किराए में ड्राइवर का व्यय भी शामिल है।
इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग में मात्र 15 रुपये प्रतिदिन खर्च होंगे। इन कारों के संचालन में मात्र 28 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा। एक बार चार्ज होने पर यह कार 140 किलोमीटर तक चल सकेगी। इस अवसर पर सचिव वित्त अमित नेगी, राज्य संपत्ति अधिकारी विनय शंकर पांडेय और उरेडा के एके त्यागी सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।