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ड्रोन बना मददगार: उत्तरकाशी से टेस्ट सैंपल लेकर 88 मिनट में पहुंचा दून, पहली बार इतनी लंबी दूरी की स्वास्थ्य सेवा हुई कामयाब
Mon, 23 May 2022 10:18 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून।
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 23 May 2022 10:18 PM IST
सार
रेडक्लिफ लैब्स के संस्थापक धीरज जैन ने बताया कि वैसे तो उत्तरकाशी से देहरादून के बीच 144 किलोमीटर का रास्ता सामान्य परिस्थितियों में छह से आठ घंटे में तय होता है। भूस्खलन होने पर इसमें 12 घंटे तक का समय लग जाता है।
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ड्रोन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पहाड़ी इलाकों में मुश्किल परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए पहली बार ड्रोन ने बड़ा सफर तय किया है। रेडक्लिफ लैब्स ने यह शुरुआत की है, जिसके तहत उत्तरकाशी से दून के बीच का 60 किलोमीटर हवाई सफर महज 88 मिनट में पूरा करते हुए ड्रोन सैंपल लेकर पहुंचा। अब दस जून से रेडक्लिफ यहां रोजाना दो ड्रोन उड़ानें शुरू करने जा रही है।
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रेडक्लिफ ने देहरादून से उत्तरकाशी के बीच कॉमर्शियल बीवीएलओएस ड्रोन उड़ानें शुरू की हैं। 19 मई को उत्तरकाशी-देहरादून के लिए सुदूर पहाड़ियों में अपना पहला कॉमर्शियल ड्रोन कॉरिडोर खोला। स्काई एयर के साथ मिलकर यह पहल की गई है।
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रेडक्लिफ लैब्स के संस्थापक धीरज जैन ने बताया कि दून से उत्तरकाशी के बीच 60 किलोमीटर की हवाई दूरी है। पांच किलो क्षमता वाला ड्रोन ज्ञानसू उत्तरकाशी से देहरादून के विवेक विहार तक सैंपल लेकर महज 88 मिनट में पहुंच गया। अब दस जून से रोजाना सैंपल कलेक्शन के लिए दो उड़ानें दून-उत्तरकाशी के बीच संचालित होंगी। यह उत्तरकाशी जाकर सैंपल लेकर दून तक आएंगी। यहां उसी दिन जांच होने के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस शुरुआत से आने वाले दिनों में पहाड़ में ड्रोन से स्वास्थ्य सुविधाएं देने की राह आसान हो जाएगी।
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उन्होंने बताया कि इस दूरी को तय करने में एक बैटरी बदलने की जरूरत पड़ी है। वह ड्रोन के माध्यम से नियमित पैथोलॉजी टेस्ट, एडवांस्ड जेनेटिक स्क्रीनिंग, प्रजनन स्वास्थ्य में रिसर्च आधारित डीएनए परीक्षण, कैंसर और स्वास्थ्य, फिटनेस आदि की सुविधाएं देंगे।