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उत्तराखंड में टल गई ‘घपले’ की परीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 02 Feb 2015 10:15 PM IST
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प्रदेश के सरकारी विभागों में चालक भर्ती परीक्षा में घोटाले की आशंका टल गई है। भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी पर सवाल उठने के बाद प्राविधिक शिक्षा परिषद ने सोमवार से शुरू हो रही परीक्षा को स्थगित कर दिया है। बताया जा रहा है कि परिषद अब शासन स्तर पर अपना पक्ष रखने की तैयारी में है।
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प्रदेश में 600 चालकों की भर्ती के लिए समूह ग के तहत दो, तीन, चार, पांच, 12, 13, 18, 19, 20, 21, 23, 24 और 25 फरवरी को राजकीय महिला पालीटेक्निक सुद्धोवाला में अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के साथ ही वाहन संचालन की प्रायोगिक परीक्षा होनी थी।
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जिम्मा निजी एजेंसी को सौंप दिया
नियमानुसार इस परीक्षा में संभागीय परिवहन अधिकारी का शामिल होना जरूरी है, लेकिन परीक्षा आयोजक प्राविधिक शिक्षा परिषद ने उनके स्थान पर यह जिम्मा एक निजी एजेंसी को सौंप दिया। सूत्रों का कहना था कि चहेतों की बेरोकटोक भर्ती के लिए यह कदम उठाया गया। अमर उजाला ने एक फरवरी 2015 के अंक में नियमों की अनदेखी पर ‘चालक भर्ती में घपले की तैयारी!’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में मामले का खुलासा किया।
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इसका संज्ञान लेकर परिषद ने परीक्षा रद्द कर दी। परिषदी सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले पर शासन में पक्ष रखा जाएगा। मांग की जाएगी कि जिस परीक्षा की पूरी जिम्मेदारी परिषद को सौंपी जा चुकी है, जिसमें किसी दूसरे (परिवहन विभाग) को हस्तक्षेप न करने दिया जाए।
चार साल बाद फिर निराश
सोमवार को बड़ी संख्या में आवेदक सुद्धोवाला पहुंचे, लेकिन वहां पता चला कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इससे वे निराश लौटे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में चालक भर्ती की विज्ञप्ति जारी र्हुई थी। मेहनत से उन्होंने लिखित परीक्षा दी, लेकिन प्रायोगिक परीक्षा में चार साल लग गए। अब परीक्षा होने ही वाली थी कि फिर लटक गई। नाराज आवेदकों का कहना था कि प्राविधिक शिक्षा परिषद और परिवहन विभाग के बीच रस्साकशी की वजह से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मामले को जल्द से जल्द हल करके उनकी परीक्षा कराई जाए।