गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व बृहस्पतिवार को पछवादून के तमाम गुरुद्वारों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह गुरु का दरबार सजा, जहां देर शाम तक मत्था टेकने संगत उमड़ती रही। दिनभर शबद-कीर्तन गूंजे तो दोपहर से लंगर बरता गया।
अजीतनगर स्थित गुरुद्वारे में हजूरी रागी ज्ञानी सोहन सिंह, कथावाचक ज्ञानी हरकीरत सिंह, और ज्ञानी प्रीतम सिंह ने शबद कीर्तन और गुरुबाणी का गायन करके संगत को निहाल किया। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार गुरजीत सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने 42 वर्ष की अल्प आयु में देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योच्छावर कर दिया। डाकपत्थर, छरबा, खुशहालपुर स्थित गुरुद्वारे में भी शबद कीर्तन कर गुरु की महिमा का बखान किया गया। यहां भी सुबह से शाम तक गुरुद्वारे में मत्था टेकने वालों का आना-जाना लगा रहा। इस मौके पर सचिव हरपाल सिंह, कोषाध्यक्ष प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, बचित्तर सिंह, दयाल सिंह, बलबीर, इंदर सिंह आदि मौजूद रहे।