FRI: देश के इस प्रसिद्ध संस्थान को मिली पहली महिला निदेशक
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उत्तराखंड को एक गौरव और प्राप्त हुआ है। सीनियर आईएफएस डॉ. सविता देश की पहली महिला एफआरआई निदेशक बनी हैं। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के बैनर तले देश में संचालित नौ भारतीय अनुसंधान संस्थानों में पहली बार किसी महिला आईएफएस को निदेशक बनाया गया है।
डॉ. सविता इसके पहले अतिरिक्त कार्यभार के तौर पर भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून के निदेशक का कार्यभार देख रही थीं। 6 जनवरी को उन्हें स्थायी नियुक्ति दे दी गई।
हिमाचल कॉडर की आईएफएस
डॉ. सविता हिमाचल प्रदेश संवर्ग की 1985 बैच की आईएफएस हैं। उन्हें अक्टूबर, 2015 को उप महानिदेशक (शिक्षा) के पद पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद में तैनाती मिली थी। भारतीय वन अनुसंधान संस्थान के तत्कालीन निदेशक के मूल संवर्ग में जाने के बाद डॉ. सविता को 3 जून, 2015 को संस्थान का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। 6 जनवरी को इस पद पर उनकी स्थायी नियुक्ति कर दी गई।
केंद्र सरकार के अधीन संभाल चुकी हैं बड़ी जिम्मेदारी
डॉ. सविता ने वन प्रबंधन में शासकीय विषयों पर पीएचडी की डिग्री हासिल की है। डॉ. सविता ने केंद्र सरकार के अधीन विभिन्न पदों पर कार्य किया है।
वह राष्ट्रीय महिला आयोग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उप सचिव, सामाजिक न्याय एवं शक्ति, जनजातीय मामलों के मंत्रालय में निदेशक के रूप में कार्य किया है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में शिक्षण कार्य करने के अलावा वह केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा में पांच साल प्रधानाचार्य रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी कार्य किया है।