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Dehradun News: विधानसभा अध्यक्ष ने डॉ. नैथानी के बाल कहानी संग्रहों का किया विमोचन
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- विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- बच्चों को मोबाइल से दूर कर किताब थमाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अपने आवास पर डॉ. कुसुम रानी नैथानी के बाल कहानी संग्रह गड्ढों का रहस्य, हम हैं होशियार और चल पड़ा पत्थर का विमोचन किया। उन्होंने डॉ. नैथानी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के लिए अच्छे साहित्य की जरूरत है। उम्मीद है कि डॉ. नैथानी भविष्य में भी बच्चों के लिए उत्कृष्ट साहित्य का प्रकाशन करती रहेंगी। तीनों कहानी संग्रहों में बच्चों के लिए विभिन्न विषयों जैसे पर्यावरण व वन संरक्षण, अंधविश्वास निवारण, बाल मनोविज्ञान व दैनिक जीवन से जुड़ी कहानियां लिखी गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चे अपना अधिकांश समय मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य गैजेट्स पर बिता रहे हैं। अभिभावकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों को इन सब से हटाकर किताब थमाएं और उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। डॉ. नैथानी की ओर से अब तक हिंदी में आठ सौ से ज्यादा बाल कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं। शैलेश मटियानी उत्तराखंड राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार (2015), राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (2016) व कोरोना योद्धा सम्मान (2020) से सम्मानित डॉ. कुसुम रानी नैथानी बच्चों के लिए कई सालों से पाक्षिक बाल समाचार पत्र बालपक्ष का भी संपादन कर रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अपने आवास पर डॉ. कुसुम रानी नैथानी के बाल कहानी संग्रह गड्ढों का रहस्य, हम हैं होशियार और चल पड़ा पत्थर का विमोचन किया। उन्होंने डॉ. नैथानी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के लिए अच्छे साहित्य की जरूरत है। उम्मीद है कि डॉ. नैथानी भविष्य में भी बच्चों के लिए उत्कृष्ट साहित्य का प्रकाशन करती रहेंगी। तीनों कहानी संग्रहों में बच्चों के लिए विभिन्न विषयों जैसे पर्यावरण व वन संरक्षण, अंधविश्वास निवारण, बाल मनोविज्ञान व दैनिक जीवन से जुड़ी कहानियां लिखी गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चे अपना अधिकांश समय मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य गैजेट्स पर बिता रहे हैं। अभिभावकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों को इन सब से हटाकर किताब थमाएं और उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। डॉ. नैथानी की ओर से अब तक हिंदी में आठ सौ से ज्यादा बाल कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं। शैलेश मटियानी उत्तराखंड राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार (2015), राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (2016) व कोरोना योद्धा सम्मान (2020) से सम्मानित डॉ. कुसुम रानी नैथानी बच्चों के लिए कई सालों से पाक्षिक बाल समाचार पत्र बालपक्ष का भी संपादन कर रही हैं।