अस्पतालों की दुर्दशा देख दुखी हुए केंद्रीय मंत्री
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केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन हरिद्वार के जिला, मेला और महिला अस्पताल में पहुंचे तो अव्यवस्थाओं को देखकर दुखी हो गए। उन्होंने माना कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में यात्री हरिद्वार पहुंचते हैं लेकिन इलाज के नाम पर यहां पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं हैं।
उन्होंने हरिद्वार के अस्पतालों के आधुनिकरण के लिए केंद्र से सीधे बजट देने का आश्वासन अधिकारियों को दिया।
रविवार सुबह 10 बजे केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की इमरजेंसी, वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल जानते हुए सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद वह मेला अस्पताल पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए महिला अस्पताल की ओपीडी देखी।
संबंधित अधिकारियों से अस्पतालों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद वह कुपोषित बच्चों के लिए बने पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने डीएम सैंथिल पांडियन से रिपोर्ट ली और आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कुपोषित बच्चों को गंभीरता से लेने के आदेश दिए।
अव्यवस्थाओं के लिए शासन जिम्मेदार
मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्रीय मंत्री ने अस्पतालों की इमारत की ओर इशारा करते हुए कहा कि बड़े खेद की बात है कि हरिद्वार के सरकारी अस्पतालों का यह हाल है, जबकि यह शहर यात्रियों के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है। आए दिन यहां बड़े-बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं।
उन्होंने इसके लिए मैन पावर और शासन की निष्क्रियता को दोषी ठहराया। सीएमओ डॉ. सुषमा गुप्ता, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. भवानी पाल, डॉ. संदीप निगम, डॉ. एसएन खान, डॉ. मनीष दत्त, डॉ. एनके जौहरी, डॉ. एचके सिंह ने यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, महिला मोर्चे की जिलाध्यक्ष संजना शर्मा, जिला उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, जिला महामंत्री राजीव शर्मा आदि शामिल हुए। प्रशासन से सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा, एमएनए विप्रा त्रिवेद्वी आदि शामिल हुए।
फिजीशियन भी आएंगे और न्यूरो सर्जन भी
केंद्रीय मंत्री को अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में लंबे समय से फिजीशियन नहीं है। कई बार शासन को अवगत कराने के बावजूद किसी को नियुक्त नहीं किया गया। जिसकी वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अधिकारियों की बात सुनने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि अब फिजिशियन भी आएंगे और न्यूरो सर्जन भी नियुक्त होंगे।
मेला अस्पताल में सीटी स्कैन
जनपद के किसी भी सरकारी अस्पताल में सीटी स्कैन नहीं हैं। जिसकी वजह से मरीजों को रेफर करना पड़ता है। मेला अस्पताल में पिछले साल सीटी स्कैन मशीन लगाने की प्रक्रिया शुरू भी हुई थी, लेकिन प्रक्रिया फाइलों में दफन हो गई। लेकिन केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल में सीटी स्कैन लगाने को आदेश जारी कर दिए हैं।
महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड
महिला अस्पताल में सबसे अधिक जरूरत अल्ट्रासाउंड की होती है। सीएमएस डॉ. भवानी पाल ने यह मुद्दा केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल में शीघ्र रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त कर अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के आदेश दिए।
रुड़की एवं लक्सर में भी खुलेंगे एनआरसी
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए हरिद्वार में पोषण पुनर्वास केंद्र खोला गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सेंटर का भ्रमण किया और डिटेल लेकर सामग्री चैक की। डीएम से एनआरसी की रिपोर्ट ली।
उन्होंने डीएम से जनपद के अन्य सेंटर के बारे में पूछा, लेकिन अन्य सेंटर होने पर डीएम को रुड़की और लक्सर में सेंटर खोलने को प्रस्ताव भेजने का आदेश दिए।
सेंटर में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर निशुल्क इलाज किया जाता है और यदि बच्चे का पिता मजदूर है तो उसे 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाते हैं।
10.7 करोड के सौंपे प्रस्ताव
जिला एवं मेला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने केंद्रीय मंत्री को 10.7 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का ज्ञापन सौंपा। जिसमें अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में आधुनिक सुविधाएं, आईसीयू के डिजिटाइलेशन, पुरानी मशीनों के स्थान पर नई मशीनें आदि लगाने के लिए प्रस्ताव दिया।