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दून के ‘रेड प्लस’ पर दुनिया बना रही नीति
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 02 Mar 2016 02:46 PM IST
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जलवायु परिवर्तन से गरमा रही धरती को बचाने के लिए विश्व के कई देशों ने दून के ‘रेड प्लस’ फार्मूले पर राष्ट्रीय नीति बनानी शुरू कर दी है।
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देहरादून के भारतीय वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के विज्ञानियों ने यह ‘रेड प्लस’ तैयार किया है। इस फार्मूला पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत नार्थ ईस्ट के राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। रेड प्लस को पेरिस महासम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ ने मान्यता दे दी थी।
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कार्बन उत्सर्जन के कारण ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचने के लिए सबसे पहले लैटिन अमेरिका के राज्य कोस्टारिका और प्रशांत महासागर के देश पपवा न्यू गिनी ने ‘रेड’ का फार्मूला तैयार किया था, लेकिन दुनिया के देशों ने इसे खारिज कर दिया।
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बाद में आईसीएफआरई के विज्ञानियों ने अलग से ‘रेड प्लस’ फार्मूला तैयार किया। इस फार्मूले की पेरिस महासम्मेलन में तारीफ की गई और संयुक्त राष्ट्र ने इसे मान्यता दे दी। अब विश्व के कई देश इसे अपने यहां लागू करने के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने में जुट गए हैं।
चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया समेत कई एशियाई देशों ने इस ‘रेड प्लस’ पर राष्ट्रीय नीति बनानी शुरू कर दी है। इस पर नीति बनाने के लिए विश्व के कई देशों के प्रतिनिधि आईसीएफआरई के विज्ञानियों से राय ले रहे हैं। आईसीएफआरई के महानिदेशक डा. अश्विनी कुमार जलवायु परिवर्तन से संबंधित नेशनल स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य हैं। देश में ‘रेड प्लस’ नीति पर पहले चरण का काम पूरा हो गया है। इसके पायलट प्रोजेक्ट उत्तराखंड, हिमाचल समेत नार्थ ईस्ट के राज्यों में शुरू किया जा रहे हैं।
‘रेड प्लस’ का फार्मूला आईसीएफआरई ने दिया है। ग्लोबल वार्मिंग से निपटने और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए इसे तैयार किया है। विश्व के कई देश इस पर अमल कर रहे हैं। भारत में पांच साल में 50 लाख हेक्टेयर में वनीकरण का लक्ष्य रखा गया है।
- डा. अश्विनी कुमार, महानिदेशक आईसीएफआरई
क्या है ‘रेड प्लस’
जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए तैयार फार्मूले का कोड नाम है ‘रेड प्लस’। इसका फुल फार्म है-रिड्युसिंग इमिशन फ्रॉम डिफोरेस्टेशन एंड फोरेस्ट डिग्रेडेशन (यह रेड है), (इसमें प्लस है)-एंड रोल आफ कंजर्वेशन सस्टेनेबिल मैनेजमेंट आफ फोरेस्ट एंड इहांसमेंट आफ फोरेस्ट कार्बन। रेड प्लस के पांच बिंदु हैं। 1-नेशनल पॉलिसी, 2-रिफ्रेंस लेवल, 3-नेचरल फोरेस्ट मानीटरिंग सिस्टम, 4-सोशल एन्वायरनमेंटल सेफगार्ड, 5-डिमॉस्ट्रेशन स्केल