दून मेडिकल कॉलेज पर संकट, पूरा टीचिंग स्टाफ दे सकता है इस्तीफा
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तीन माह से सैलरी न मिलने से नाराज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज टीचिंग स्टाफ के चिकित्सकों ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। उन्होंने नौ अगस्त को प्रस्तावित कॉलेज के लोकार्पण कार्यक्रम का भी बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत मुख्य अतिथि होंगे।
टीचिंग अस्पताल में चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के वेतन के लिए हर महीने करीब 1.70 करोड़ रुपये की जरूरत है। अस्पताल में कर्मियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इस लिहाज से केवल वेतन मद में करीब 5.40 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन बजट न होने का रोना रो रहा है। कुछ दिन पूर्व शासन ने 1.67 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था, जिससे स्टाफ की एक माह की सैलरी भी पूरी नहीं दी जा सकती है।
अस्पताल में टीचिंग फैकल्टी के रूप में नियुक्त ज्यादातर चिकित्सक बाहरी राज्यों से आए हैं। अधिकांश यहां किराये पर रह रहे हैं। ऐसे में तीन माह से वेतन न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने कहा कि शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही वेतन दे दिया जाएगा।
मंत्री का है कहना
सोमवार को मेडिकल कॉलेज कर्मियों ने मुझसे मुलाकात कर वेतन ना मिलने की समस्या बताई है। मैंने अधिकारियों को उसके निराकरण के निर्देश दिए हैं। अगले तीन से चार दिन के भीतर पूरा वेतन दे दिया जाएगा।
-दिनेश धनै, चिकित्सा शिक्षा मंत्री