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कंपनी नहीं 'डॉग गॉर्डन' कहिए जनाब...
अमर उजाला, मसूरी
Updated Sun, 08 Sep 2013 11:27 AM IST
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मसूरी के कंपनी बाग में नियम कायदों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसे संचालित करने वाली एसोसिएशन किसी भी नियम का कायदे का पालन नहीं कर रही है।
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यहां पर पूरे दिन आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं, लेकिन प्रबंधन इस तरफ ध्यान नहीं देता। जबकि आवारा कुत्ते पर्यटकों के लिए खतरा बन गए हैं।
कहीं कुत्ते न काट खाएं
यहां आने वालों को डर लगा रहता है कि कहीं कुत्ते उन्हें काट न खाएं। वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र राणा का कहना है कि कंपनी बाग में एक दुकानदार कुत्तों को पनाह देता है।
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आवारा कुत्तों को कई बार बाहर किया गया। लेकिन वह पहुंच जाते हैं। कंपनी बाग का रख-रखाव करने वाली वेलफेयर एसोसिएशन ने बाग में प्रवेश के लिए शुल्क में बढ़ोतरी तो कर दी लेकिन सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा।
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वेलफेयर एसोसिएशन को लीज पर दिया
यही नहीं नगरपालिका से हुए अनुबंध और शर्तों को भी एसोसिएशन ने दरकिनार कर दिया है। छह-सात साल पहले नगरपालिका ने कंपनी बाग को वेलफेयर एसोसिएशन को लीज पर दिया था, जिसमें कई शर्तें थीं।
पहले गार्डेन में प्रवेश शुल्क पांच रुपये था। अनुबंध में तय था कि शुल्क में बढ़ोतरी से पहले कई पहलुओं पर विचार किया जाएगा, लेकिन एसोसिएशन ने समय-समय पर अपने तरीके से प्रवेश शुल्क में वृद्धि कर दी।
स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों को शुल्क में छूट देने का प्रावधान था, जिसका अब बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा है।