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पहाड़ के गांवों में डॉक्टर कहेंगे 'तू चल मैं आया'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 29 Jan 2014 07:17 PM IST
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रूद्रप्रयाग जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित गांव रह रहे ग्रामीणों को भी अब डॉक्टरों की सेवाएं मिल पाएंगी। अस्पतालों में तैनात पांच एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रत्येक सप्ताह के एक दिन दूरस्थ क्षेत्र स्थित स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को देखना होगा।
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इसके लिए जिला प्रशासन ने रोस्टर भी बनाया गया है। साथ ही तीन आयुर्वेदिक डॉक्टरों को दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्र में संबद्ध किया गया है।
बता दें कि जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है। अधिकांश अस्पताल बिना डॉक्टरों के चल रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने असेवित (जहां डॉक्टर नहीं हैं) में डॉक्टरों की रोस्टर या संबद्धीकरण में तैनाती का निर्णय लिया है।
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इनकी हुई तैनाती
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मनसूना के चिकित्सक विद्या भूषण को आयुर्वेदिक चिकित्सालय राउलेंक, सीएचसी के डा. सौरभ त्रिपाठी को एलोपैथिक अस्पताल बसुकेदार और आयुर्वेदिक अस्पताल मणिगुह के डा. तिरेंद्रू पुरोहित को एलोपैथिक अस्पताल उच्छाढुंगी में तैनात किया गया है।
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तीनों डॉक्टर अग्रिम आदेशों तक संबंधित अस्पताल में सेवाएं देंगे। डीएम डा. राघव लंगर ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी मानव संसाधनों की कमी के कारण दिक्कत हो रही है। इसलिए यह व्यवस्था की गई है।