डॉक्टर के बेटे ने लगाया इंजेक्शन, काटना पड़ेगा पांव
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पहाड़ के दूर-दराज के गांवों में मरीजों को इलाज किस तरह मिल रहा है, चंद्रकला इसकी एक मिसाल हैं। डॉक्टर के न होने पर उसके बेटे ने हाथ साफ करते हुए चंद्रकला को दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन से दर्द तो दूर नहीं हुआ, उसके रिएक्शन से पांव जरूर सड़ गया। अब चंद्रकला का पैर काटने की नौबत है।
वह इस वक्त श्री महंत इंद्रेश अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित वार्ड में भर्ती है। परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।
पैर पकने लगा
पौड़ी की चौबट्टाखाल तहसील के गांव दलमाणा की रहने वाली चंद्रकला (55) को कुछ दिन पहले घुटने के आस-पास दर्द महसूस हुआ। दर्द तेज होने पर परिजन उसे गांव के ही डॉक्टर बीपी नौटियाल के पास ले गए।
आरोप है कि डॉक्टर उस वक्त घर पर नहीं थे। उनके बेटे ने चंद्रकला को दर्द निवारक इंजेक्शन दिया। यह इंजेक्शन लगाने के बाद से ही चंद्रकला के पैर की हालत खराब होनी शुरू हो गई। पैर पकने लगा।
इंफेक्शन फैला तो कोटद्वार के जान-पहचान के डॉक्टर की सलाह पर परिजन उसे श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ले आए। उनका घुटने से लेकर अंगूठे तक का हिस्सा सड़ चुका है।
डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो
चंद्रकला के बहनोई अशोक कुमार झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर पिता की अनुपस्थिति में बेटा मरीजों की जान से खेल रहा है, जिसका उसे कोई हक नहीं।
महिला का पैर पूरी तरह सड़ चुका है। जांच में उनके डायबिटिक होने की बात सामने आई है। इससे स्थिति और खराब हो गई है। फिलहाल इलाज चल रहा है। पैर काटने की नौबत आ सकती है।
-डा. प्रवीण त्यागी (चंद्रकला का इलाज कर रहे श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के सर्जन)