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प्रमोशन देकर डॉक्टरों को मनाएगी सरकार
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 26 Dec 2013 02:10 PM IST
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चिकित्सकों की पदोन्नति को लेकर नाराजगी दूर करने के लिए डीएसीपी (डायनेमिक एश्योरड कैरियर प्रोग्रेशन) पर वित्त विभाग का अड़ंगा देखते अब विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सक संवर्ग का एक कैडर किया जा रहा है।
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इसके साथ ही पोस्टमार्टम भत्ते के रूप में मिलने वाले 10 रुपये को बढ़ाकर पांच सौ किया जा रहा है। सरकार किसी तरह 6 जनवरी से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार को स्थगित करने में जुट गई है।
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लंबे समय से थी मांग
चिकित्सकों की लंबे समय से डीएसीपी की मांग चल रही है, जिसके तहत 4, 9, 13 और 20 वर्ष पर सुनिश्चित पदोन्नति की मांग रखी गई है।
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डीएसीपी से मौजूदा चिकित्सकों से अधिक विभाग में नए ज्वाइन करने वाले चिकित्सकों को फायदा मिल सकता है।
वित्त विभाग ने किया था विरोध
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी इसे लागू करवाने के पक्ष में रहे हैं, लेकिन वित्त विभाग ने प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी। मामला वित्त में अटके के बाद विशेषज्ञ और सामान्य संवर्ग को एकीकृत करने का फैसला हुआ है।
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इससे पदोन्नति के रास्ते तो खुलेंगे बल्कि स्थानांतरण में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए फंसने वाला पेंच भी दूर होगा। इतना ही नहीं अगर विशेषज्ञ नहीं मिलते तो एक कैडर होने से रिक्त पदों पर सामान्य एमबीबीएस की भर्ती हो सकेगी।
संभावना है कि सरकार गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगा देगी। इसके साथ ही पोस्टमार्टम भत्ते के रूप में मिलने वाले 10 रुपये को बढ़ाकर पांच सौ किया जा रहा है। हालांकि चिकित्सक एक हजार करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानांतरण नीति पर फिर कसरत
स्वास्थ्य विभाग की इसी बरस पास हुई स्थानांतरण नीति कारगर साबित होती नहीं दिख रही है। चिकित्सकों की मांग है कि स्पष्ट और पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाई जाए। स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने इसके लिए सहमति दे दी है।
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इस नीति के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए जिला मुख्यालय में तैनाती का प्रावधान रहेगा। शासन स्तर पर अब नए सिरे से स्थानांतरण नीति पर कसरत की जाएगी।