डॉक्टर ने तीन दिन पहले मनाया बेटे का जन्मदिन, फिर डिप्रेशन में जहर खाकर दे दी जान
- डिप्रेशन में थे चंपावत जिला अस्पताल के डाक्टर राजेश गुप्ता
- मूल रूप से मथुरा के रहने वाले थे, हल्द्वानी में बनाया है घर
विस्तार
मूल रूप से मथुरा (यूपी) निवासी 48 वर्षीय डॉ. राजेश गुप्ता पुत्र राम अवतार गुप्ता यहां हीरानगर के हरीपुरसूखा में रहते थे। परिजनों के अनुसार रविवार की सुबह वह कमरे में बैठे थे। इस बीच पत्नी सुचिता गुप्ता जब कुछ पूछने उनके पास गई तो उन्होंने दूर रहने की सलाह दी। कुछ देर बाद उन्होंने घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पत्नी ने पड़ोसियों को सूचना देकर बुलाया। उन्हें 12 बजकर 15 मिनट पर एसटीएच में भर्ती कराया गया।
उन्हें आईसीयू में रखा गया, मगर हालत में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने दम तोड़ दिया। सुचिता ने बताया कि वह शादी के पहले से ही डिप्रेशन के शिकार थे। नवंबर में उन्होंने जॉलीग्रांट में अपना इलाज कराया था। वह अपना मोबाइल पत्नी को नहीं छूने देते थे।
बेटे का बर्थडे मनाने अवकाश लेकर आए थे
डॉक्टर राजेश गुप्ता के इकलौते बेटे शिवम (14) का छह फरवरी को बर्थडे था। बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए वह चंपावत से अवकाश लेकर आए थे। उन्होंने खुशी-खुशी बेटे का जन्मदिन मनाया। पत्नी का कहना है कि उन्हें रविवार को ही चंपावत ड्यूटी पर जाना था।
जहां सीखा इलाज करना वहीं तोड़ा दम
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि डॉ. राजेश ने उनकी अधीन 1998 में रहकर इलाज के गुर सीखे थे। वह नियमित डॉक्टर था। यहां से जाने के बाद उसे नगर स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया था। जेल में वह बंदियों का भी इलाज करता था। उसके तनाव के बारे में जानकारी नहीं थी। मौत की जानकारी मिलने पर पत्नी सुचिता और बेटा शिवम रोने लगे।