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Dehradun: डीएमएसआरडीई ने पत्रिका में छापा उल्टा तिरंगा, पूर्व अधिकारी ने एसएसपी से की शिकायत
Mon, 14 Apr 2025 11:37 PM IST
अलका त्यागी
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:37 PM IST
सार
पत्रिका के कवर पेज पर सवाल सुंदरवाला रायपुर के रहने वाले प्रभुदयाल डंडरियाल ने उठाए हैं। वह भी रक्षा क्षेत्र में अधिकारी रह चुके हैं।
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बीते वर्ष की इसी फोटो के आधार पर हुई शिकायत (हालांकि इसे कभी अधिकारिक रूप से जारी ही नहीं किया गया)
- फोटो : शिकायतकर्ता
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विस्तार
रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान तथा विकास स्थापना (डीएमएसआरडीई) कानपुर ने उल्टा तिरंगा की फोटो लगाकर पत्रिका प्रकाशित कर दी। पूर्व अधिकारी ने देहरादून एसएसपी से इसकी शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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डीएमएसआरडीई रक्षा अनुसंधान एवं विकास परिषद (डीआरडीओ) की इकाई है। यहीं से प्रकाशित पत्रिका नवचिंतन के 26वें संस्करण के कवर पेज पर कई गलतियां हैं। तिरंगे को भी उल्टा प्रकाशित कर दिया गया है। इन गलतियों को बताते हुए एक पूर्व अधिकारी ने इसकी एसएसपी को शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पत्रिका के कवर पेज पर सवाल सुंदरवाला रायपुर के रहने वाले प्रभुदयाल डंडरियाल ने उठाए हैं। वह भी रक्षा क्षेत्र में अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि डीएमएसआरडीई की ओर से 2023-24 के लिए नवचिंतन गृह पत्रिका (हाउस जनरल) का 26वां संस्करण प्रकाशित किया है। इस पर घोर गलतियां की गई हैं। इसमें भारतीय तिरंगे को उल्टा प्रकाशित कर दिया गया है।
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केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर की पट्टिका पर दर्शाया गया है। इसके साथ ही इस कवर पेज पर जिन फौजियों के चित्र प्रकाशित किए गए हैं वह भी विदेशी हैं। इनकी वर्दी भी भारतीय नहीं है और न ही इनके हाथों में हथियार दर्शाए गए हैं वह भी भारतीय सेना इस्तेमाल नहीं करती है। इसी तरह इस कवर पेज पर तीन लड़ाकू विमानों की छाया भी प्रकाशित की गई है।
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डंडरियाल का कहना है कि भारत में सुखोई, मिराज, राफेल, मिग और तेजस जैसे विमान इस्तेमाल होते हैं। जबकि, ये छवियां इनमें से किसी विमान की नहीं हैं। ये छवियां एफ 15 या दूसरे विमानों की होने की संभावना है। इसके अलावा कवर पेज पर जो लोकेशन दर्शाई गई है ऐसी भारत में कहीं भी नहीं है। उन्होंने इस पत्रिका के एडिटर व उनकी टीम पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है।
यह एक साल पुराना मामला है। जैसे ही इसकी कॉपी सामने आई, उसमें गलतियों को देखने के बाद डीएमएसआरडीई की कमेटी ने इसे नष्ट करा दिया था। इसे कभी वितरित नहीं किया गया। इसके कवर पेज को नष्ट कर दिया गया। इस पत्रिका को कभी भी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है।
- डॉ. मयंक द्विवेदी, डायरेक्टर, डीएमएसआरडीई