छात्रा की पढ़ाई में आड़े आई गरीबी तो डीएम ने की पहल, कॉलेज में दाखिला दिलाकर उठाया पूरा खर्चा
गरीबी के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पाने वाले बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। कुछ लोग सामने आ जाते हैं और कुछ लोग गरीबी को नियति समझ जीवन ऐसे ही बिता लेते हैं। लेकिन अल्मोड़ा के भगतोला गांव की एक गरीब घर की लड़की ने आगे की पढ़ाई जारी रखने का हल खोज निकाला है।
इंटरमीडिएट में 82 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण लड़की आगे की पढ़ाई के लिए जिलाधिकारी से जब मिली तो जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया लड़की की लगन और इंटर में उसके द्वारा लाए गए अच्छे अंकों से काफी प्रभावित हुए।
उन्होंने उसी समय उसकी उच्च शिक्षा का जिम्मा लेते हुए एसएसजे परिसर में उसे प्रवेश भी दिला दिया। यही नहीं उन्होंने मेधावी लड़की के रहने, खाने और फीस का वहन भी स्वयं करने का आश्वासन दिया है।
नैनोली, भगतोला निवासी आनंद आर्या की सबसे बड़ी पुत्री अंकिता आर्या (17) ने इसी वर्ष जीजीआईसी भगतोला से 82 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। घर में उसकी बीमार मां के अलावा दो बहनें और एक छोटा भाई भी है।
दोनों बहनें भी पढ़ाई में काफी तेज हैं। अंकिता के पिता मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। घर में बड़ी होने के कारण सारी जिम्मेदारी अंकिता पर थी। घर का काम करने के अलावा अंकिता अपनी दोनों बहनों और भाई को पढ़ाती भी है।
लेकिन असल परेशानी अंकिता को अंदर से कचोड़ रही थी। इंटर करने के बाद उसकी आगे की पढ़ाई कैसे होगी, उसके छोटी बहनों का क्या होगा। इन्हीं बातों में उलझी अंकिता बीते दिन अपने पिता के साथ जिलाधिकारी से मिलने पहुंच गई।
जिलाधिकारी ने अंकिता से कई सवाल पूछे और उसके उत्तर से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि एक दिन वह बड़ी अधिकारी बनेगी। उन्होंने उसी समय उसकी पढ़ाई और रहने, खाने की जिम्मेदारी लेते हुए उसको एसएसजे परिसर में प्रवेश दिलवा दिया। खुशी के मारे फूली समाई अंकिता ने जिलाधिकारी का दिल से आभार जताते हुए उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा किया।
रूपांतरण कार्यक्रम की कार्डिनेटर विद्या कर्नाटक ने बताया कि जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने छात्रा अंकिता की पढ़ाई, रहने, खाना और फीस की जिम्मेदारी ली है। इसके अलावा उन्होंने अंकिता को किसी भी चीज की आवश्यकता होने पर उपलब्ध कराने को भी कहा है।