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मंत्रीजी के पॉली हाउस पर सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 20 Feb 2014 01:21 PM IST
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गुरुवार को भी मंत्री अमृता रावत की ओर से पॉली हाउस की सब्सिडी अपने परिजनों को देने के मामले में विपक्ष ने विस सदन में हंगामा किया। सदन शुरु होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर लिया।
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इसके बाद कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई तो भी हंगामा नहीं थमा। इस पर पहले 12:20 फिर 12:45 तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई। हंगामा बढ़ते देख सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे दोबारा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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बुधवार को भी इसी मामले पर कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा था। पॉली हाउस के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए की सब्सिडी में हुए घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के नाम पर विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया।
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सदन शुरू होते ही ‘अमर उजाला’ में 19 फरवरी के अंक में प्रकाशित खबर ‘आम को इंतजार, मंत्री के परिवार को लाभ कई बार’ पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था।
विपक्ष मामले की सीबीआई जांच के साथ ही नियम 310 के अंतर्गत चर्चा की मांग करता रहा। स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि शून्यकाल में नियम-58 में इस मुद्दे पर चर्चा करा ली जाएगी।
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विपक्ष नहीं माना और स्पीकर को पांच मिनट बाद ही सदन स्थगित करना पड़ा। हंगामे के दौरान बुधवार को शायद पहली बार ऐसा हुआ जब नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट को भी जांच की मांग के मामले में वेल में आना पड़ा।
बंदरबांट की जांच की मांग
भाजपा के मदन कौशिक ने कहा कि ये जांच होनी चाहिए कि योजना के तहत अब तक कितनी सब्सिडी बांटी गई और कितने पूर्व व मौजूदा मंत्रियों, विधायकों के परिजनों व रिश्तेदारों को सब्सिडी दी गई। जिस किसान को दी गई उसे मिली भी कि नहीं।
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भाजपा के बंशीधर भगत ने कहा कि इस योजना का लाभ किसानों को नहीं बल्कि दूसरे लोगों को मिला, इसलिए इसकी जांच जरूरी है। भाजपा के ही हरबंस कपूर ने इसकी जांच की मांग की। बिशन सिंह चुफाल व तीरथ सिंह रावत ने भी मोर्चा संभाला।
पुश्तैनी कृषि भूमि पर बनाए हैं पॉलीहाउस : अमृता
पॉलीहाउस निर्माण के लिए अपने परिवार को सब्सिडी देने में अनियमितताओं के सभी आरोपों को मंत्री अमृता रावत ने खारिज किया है।
अमृता का कहना है कि पॉलीहाउस निर्माण उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि पर किया गया है, जहां 60 बरस से नर्सरी उगाई जा रही है। सब्सिडी की पात्रता कृषक होने के साथ उत्तराखंड निवासी और अपनी भूमि होना है, जिसे वह पूरी करती हैं।
अमृता रावत ने पॉली हाउस लगाने की सब्सिडी अपने परिवार और कुछ रिश्तेदारों को भी दी। जौनसार बावर क्षेत्र में तो किसानों के नाम पर सब्सिडी की राशि बड़े नेताओं के पेट में चली गई।
- अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष