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भाजपा के ‘राजकुमार’ से हो रही पार्टी में रार
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 18 Dec 2013 01:30 PM IST
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उत्तराखंड में स्थानीय भाजपा नेताओं के ‘राजकुमारों’ का जलवा पार्टी में ‘संघर्ष’ की सी स्थिति पैदा कर रहा है।
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भाजपा में दो फाड़
भाजपा के पीएम इन वेटिंग की रैली के बाद यह संघर्ष उभर आया है। दून भाजपा इस चक्कर में दो फाड़ नजर आती है। एक तरफ कार्यकर्ताओं का धड़ा है और दूसरी तरफ दिग्गज नेताओं के बेटों के ‘चंपुओं’ की टोली।
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शंखनाद रैली कायदे से हो जाने पर मंगलवार को महानगर भाजपा ने ‘धन्यवाद कार्यक्रम’ किया था। इसमें विभिन्न समितियों की जिम्मेदारी संभालने वालों का शुक्रिया अदा किया जाना था लेकिन इस पर महानगर के दूसरे पदाधिकारी खासे नाराज रहे।
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मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा
उनका कहना था कि रैली के मद्देनजर शुक्रिया नहीं समीक्षा होनी चाहिए। मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई और बड़े नेताओं के बेटे मंच पर बैठे रहे। भाजपाइयों को कहना है कि दून में नेताओं के बेटों का ‘जलवा’ है।
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वही नीति निर्धारक बने रहते हैं। नेता अपने बेटों की मनमर्जी पर ही चलते हैं। महानगर भाजपा के पदाधिकारियों का कहना था कि मंच की रौनक दिग्गजों के बेटे थे और राष्ट्रीय पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी नीचे बैठे हुए थे। इससे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंची है।
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इतना ही नहीं महानगर पदाधिकारियों और कुछ पुराने नेताओं ने इसकी शिकायत वरिष्ठ पदाधिकारियों से करनी शुरु कर दी है।
यह कहा जा रहा है कि ‘राजकुमारों’ का यही जलवा रहा और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई तो मिशन 2014 में खट्टापन आ जाएगा। उनकी मांग है कि रैली की समीक्षा हो पार्टी में पनप रहे परिवारवाद पर सख्त कदम उठाए जाएं।