कांग्रेस में और ऊंची हो गई नफरत की 'दीवार'
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लंबे समय से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बीच खड़ी नफरत की 'दीवार' अब और ऊंची हो गई। उत्तराखंड सरकान ने टिहरी महोत्सव में पूर्व मुख्यमंत्री को बुलावा नहीं भेजा, जिससे अब वो काफी नाराज हैं।
वहीं, नए प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को लेकर पूर्व अध्यक्ष यशपाल आर्य की नाराजगी भी अब खुलकर सामने आने लगी है। दोनों खुद तो कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन उनके समर्थकों से उनका दर्द देखा नहीं जा रहा।
अंबिका सोनी से भी नाराज हैं बहुगुणा
विजय बहुगुणा एक बार फिर सरकार से नाराज हैं और उनके समर्थक इसकी वजह सीएम हरीश रावत को मानते हैं। पिछले दिनों बहुगुणा की राजनीतिक जमीन टिहरी में दो दिनी महोत्सव आयोजित हुआ, जिसमें बहुगुणा को आमंत्रित नहीं किया गया।
बहुगुणा समर्थकों का कहना है कि सरकार ने जानबूझ कर ऐसा कराया है, किसे नहीं पता था कि बहुगुणा यहां से सांसद रहे हैं। बताते हैं कि बहुगुणा ने अपनी नाराजगी प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी से भी जताई है।
यशपाल आर्य भी उपेक्षा से नाराज
उधर, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य भी इन दिनों संगठन में अपनी उपेक्षा से नाराज हैं। आर्य समर्थकों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पिछले दिनों कुमाऊं को दौरा किया, लेकिन पूर्व अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया गया।
उनकी नाराजगी का एक और कारण बताया जा रहा है, वह ये कि किशोर उपाध्याय पुरानी कार्यकारिणी को दरकिनार कर बिना नई घोषित किए, कुछ विशेष लोगों के साथ पार्टी चला रहे हैं। जबकि बड़े नेताओं को कार्यक्रमों और बैठकों तक में नहीं बुलाया जा रहा है।
यशपाल जी बड़े भाई हैं। अगर भूलवश कहीं चूक हुई है तो उसे सुधारेंगे। हालांकि मैंने कई बार उनसे संपर्क करना चाहा। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, सिर्फ कुमाऊं ही क्यों मैं तो चाहूंगा कि वह मेरे साथ गढ़वाल दौरे में भी चलें।
- किशोर उपाध्याय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
घर वालों निमंत्रण नहीं दिया जाता। बहुगुणा जी का टिहरी क्षेत्र है, वह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। वह आते तो उनका स्वागत करते। वैसे ये काम आयोजन समिति का था कि किसे-किसे बुलाना है, मंत्री की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
- दिनेश धनै, पर्यटन मंत्री