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23 साल से अंधेरे में तीर चला रही सीबीआई, आंदोलनकारी नाराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:19 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड पृथक राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड की जांच में सीबीआई पिछले 23 साल से अंधेरे में तीर चला रही है। यह आरोप है, जांच में हो रही हीलाहवाली से नाराज राज्य आंदोलनकारियों का।
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शनिवार को उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि सीबीआई के सभी मुकदमे देहरादून में शिफ्ट हों ताकि सभी मामलों में तेजी से जांच हो सके और दोषियों को जेल भेजा जा सके।
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह, प्रदेश महामंत्री राम लाल खंडूड़ी, जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती समेत कई आंदोलनकारी जिलाधिकारी के दफ्तर के बाहर इकट्ठा हुए जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की।
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इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहे पर तत्कालीन सरकार की शह पर पुलिस गोलीकांड में कई आंदोलनकारियों को मौत के घाट उतार दयिा गया था।
इलाहबाद उच्च न्यायालय ने अपने आदेस में माना ता कि रामपुर तिराहा में 17 महिलाओं से अभद्रता हुई और 26 आंदोलनकारियों की हत्या की गई। कोर्ट ने सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन आज तक मुकदमों का निर्णय नहीं हुआ। ज्ञापन में सीबीआई के सभी मुकदमों को देहरादून हस्तांतरित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।