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मुख्यमंत्री की सभा में आपदा प्रभावितों का हंगामा
अमर उजाला, गुप्तकाशी
Updated Wed, 16 Oct 2013 01:53 PM IST
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केदारघाटी के आपदा पीड़ितों का दुख दर्द सुनने आए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की सभा में आपदा प्रभावितों ने जमकर हंगामा किया। विधायक से नाराज लोगों का कहना था कि सीएम सबसे पहले उनकी समस्या सुने।
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लगभग पौने घंटे चली सभा में सीएम ने कुछ ज्ञापन लिए और फिर वह कुछ पीड़ितों से मिलते हुए निकल गए। प्रभावित लोग इस कदर नाराज थे कि सीएम के सभा हॉल से बाहर निकलने पर काफिले के साथ चल रहे लोगों के साथ धक्का मुक्की भी हुई।
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पीड़ितों का गुस्सा फूटा
सीएम के चले जाने के बाद पीड़ितों का गुस्सा क्षेत्रीय विधायक शैला रानी रावत के ऊपर फूटा । पीड़ितों ने रोष जताते हुए उनके वाहन को रोक दिया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। मजबूरन विधायक को गाड़ी से उतरकर लोगों के बीच आना पड़ा।
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मुख्यमंत्री का गुप्तकाशी में सुबह 8.30 बजे आपदा पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम था। लेकिन वह सुबह करीब नौ बजे देहरादून से सीधे केदारनाथ चले गए।
उनके साथ आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य, कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत और मुख्य सचिव सुभाष कुमार सहित अन्य अधिकारी भी थे। केदारनाथ में पूजा अर्चना और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री करीब साढे़ 11 बजे हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी के निकट नारायणकोटी पहुंचे।
सीएम का काफिला सभास्थल पर पहुंचा
यहां तीर्थ पुरोहित समाज और व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल, पूर्व विधायक आशा नौटियाल एवं ब्लाक प्रमुख फते सिंह रावत आदि से उन्होंने मुलाकात की।
इसके बाद लगभग एक बजे सीएम का काफिला सभास्थल पर पहुंचा। यहां घंटों से इंतजार कर रहे लोगों का गुस्सा कांग्रेस के कुछ लोगों ने बढ़ा दिया। आपदा पीड़ित मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या पहुंचाना चाहते थे लेकिन भाषणबाजी कर रहे कांग्रेसी इसमें रोड़ा बन गए। इस बीच अलग-अलग गुटों में तनातनी की नौबत आ गई।
गुस्साए लोगों को समझाने-बुझाने में पुलिस के पसीने छूट गए। क्षेत्रीय विधायक शैला रानी रावत के मांग पत्र पढ़ने पर बात बिगड़ गई। हंगामा होते देख यशपाल आर्य, हरक सिंह और डीएम दिलीप जावलकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने माइक संभालते हुए कहा कि ‘मैं आप लोगों के बीच आपकी समस्या सुनने आया हूं, प्रभावितों को जितनी मदद मिल रही है, उसका आपको अंदाजा नहीं है, सभा से पूर्व मैं सभी के प्रतिनिधिमंडल से मिल चुका हूं, मैं यहां पर आधा घंटे तक हूं, जिसके ज्ञापन नहीं आए हैं, वह एक-एक कर मिले।
मुख्यमंत्री लोगों के बीच पहुंच गए
करीब 15 मिनट ज्ञापन लेने के बाद मुख्यमंत्री लोगों के बीच पहुंच गए। यहां लोगों से मिलने के बाद वह सभा हॉल के बाहर निकल गए। यहां कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने ही उनकी हवाई यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सीएम बनने लायक तो हरीश रावत हैं, जो कम से कम पैदल गए। यहां तो विधायक भी पैदल नहीं जा रहे हैं।
सीएम का काफिला निकलते ही लोगों ने क्षेत्रीय विधायक शैलारानी रावत को घेर लिया। लोगों का आरोप था कि पीड़ितों की सुनी नहीं जा रही है। सिर्फ राजनीति के लिए केदारनाथ विकास प्राधिकरण की बात की जा रही है।
आपदा को चार माह हो गए, लेकिन विधायक दिखाई नहीं दे रही हैं। लोगों के गुस्से को देखते हुए विधायक को गाड़ी से उतरना पड़ा। वे लोगों को समझाने लगी। बाद में महिला कांस्टेबलों की मदद से विधायक को वहां से निकाला गया।