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पिथौरागढ़ आपदा: सीएम ने की घोषणा, मृतक आश्रितों को मिलेगी पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद

Tue, 31 Aug 2021 10:06 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 31 Aug 2021 10:06 PM IST
सार

मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धारचूला पहुंचे। यहां उन्होंने जुम्मा आपदा में मृत व्यक्तियों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं, मंगलवार को भी लापता लोगों को मलबे में ढूंढने का काम जारी रहा।

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Disaster in Pithoragarh after extreme rainfall: cm pushkar singh dhami visit disaster effected area today
मुख्यमंत्री ने आपदा से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण कर जायजा लिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को आपदा प्रभावित गांव जुम्मा का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा में मृत व्यक्तियों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि आगामी एक माह के लिए हवाई सेवा को बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो हवाई सेवा आगे भी जारी रह सकती है। 

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मंगलवार को भी लापता लोगों को मलबे में ढूंढने का काम जारी रहा। देर शाम समाचार लिखे जाने तक लापता लोगों का पता नहीं चल पाया था। रविवार की रात अतिवृष्टि से जुम्मा गांव के जामुनी और नालपोली तोक में सात घर जमींदोज हो गए थे। इनके मलबे में सात लोग दब गए थे। तीन किशोरियों समेत पांच लोगों के शव सोमवार को बरामद कर लिए गए थे लेकिन मलबे में दबे किशोरियों के चाचा-चाची अभी तक नहीं मिले हैं।
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मंगलवार को धारचूला पहुंचे सीएम पुष्कर धामी ने आपदा प्रभावितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार दु:ख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने आपदा में जोगा सिंह की तीन बेटियों की अकाल मृत्यु पर शोक जताते हुए जोगा सिंह को आर्थिक सहायता के चेक देकर भविष्य में भी हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

खाद्यान्न दवा आदि की कमी नहीं होगी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में
पिथौरागढ़। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन सामान्य करने की सबसे बड़ी चुनौती है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवा आदि की कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही आपदा में ध्वस्त पैदल रास्तों और सड़कों को ठीक कर कनेक्टिविटी सहीं करने के प्रयास किए जाएंगे। 

जबर्दस्त भूस्खलन हुआ और सात मकान जमींदोज हो गए

रविवार की रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश से जुम्मा गांव के जामुनी और नालपोली तोक में जबर्दस्त भूस्खलन हुआ और सात मकान जमींदोज हो गए थे। जामुनी तोक में चंद्र सिंह धामी, उनकी पत्नी हाजरी देवी और तीन भतीजियां संजना, रेनू और शिवानी मलबे में दब गईं थी।

चंद्र सिंह के बड़े भाई जोगा सिंह ने पत्नी और दो बेटों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भागकर जान बचाई थी। मकान ध्वस्त होने से जुम्मा के नर सिंह, जयमती, दीया और अंजली घायल हो गई थी। 

जुम्मा गांव के ही नालपोली तोक में सास-बहू मलबे में दब गईं थी। इसके अलावा, सुनीता देवी पत्नी दीपक सिंह और पार्वती देवी पत्नी लाल सिंह भी मकान ध्वस्त होने से मलबे में दब गए थे। जामुनी तोक के जोगा सिंह की तीन पुत्रियों संजना, रेनू व शिवानी के अलावा जामुनी की ही सुनीता देवी और नालपोली तोक की पार्वती देवी के शव बरामद हो गए थे। मलबे में दबे जामुनी तोक के चंद्र सिंह और उनकी पत्नी हाजरी देवी की ढूंढखोज की जा रही है। घायलों को उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से धारचूला लाया गया है। 

सीएम कैंप कार्यालय कूच कर रहीं आशाओं को पुलिस ने रोका, हंगामा

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को आशा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कूच करने के लिए सितारगंज रोड स्थित नागरिक अस्पताल में एकत्र हुईं। यहां नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता आदि क्षेत्रों से आशाएं पहुंचीं थीं। 

आशा कार्यक र्ताओं ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कूच करने के लिए जुलूस निकाला तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें तहसील गेट पर रोक लिया। इस पर आशाओं एवं पुलिस प्रशासन में तीखी नोक-झोंक हुई। आशाएं तहसील गेट पर ही धरने पर बैठ गईं। 

एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने शिष्टमंडल को सीएम से मिलाने का भरोसा दिलाया तो आशा कार्यकर्ता मान गईं। इसके बाद दोपहर तीन बजे प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में यूनियन का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल खटीमा स्थित राइस मिल में बने हेलीपैड पर सीएम से मिला। आशाओं की बात सुनने के बाद सीएम ने 20 दिन में मांगों का शासनादेश जारी करने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के प्रदेश महामंत्री कैलाश पांडेय, इंद्रा देउपा, ममता पानू, गीता कश्यप, सरस्वती पुनेठा, लीला ठाकुर, कुलविंदर कौर, रिंकी जोशी, चंपा मेहता आदि उपस्थित थे।

सीएम धामी के आश्वासन पर आशाओं की हड़ताल खत्म
सीएम पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन के बाद प्रदेश में 30 दिन से चल रही आशाओं की हड़ताल खत्म हो गई है। खटीमा में विरोध-प्रदर्शन करने के बाद उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मिला। इस दौरान सीएम धामी ने घोषणा की कि 20 दिन में उनकी मांगें पूरी होने का शासनादेश जारी हो जाएगा। सीएम के आश्वासन बाद प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने इसे एकजुटता की जीत बताया। कहा कि 20 दिन में शासनादेश जारी नहीं होने पर आशाएं पुन: आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।

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