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Dehradun News: 38 साल से बांधों और सुरंगों को दीपांकर दे रहे तकनीकी मजबूती

Wed, 16 Sep 2026 01:51 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Wed, 16 Sep 2026 01:51 AM IST
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Dipankar has been providing technical strength to dams and
इंजीनियरिंग केवल डिजाइन और निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित, टिकाऊ और समयबद्ध समाधान तलाशने का विज्ञान भी है। उत्तराखंड के सिविल इंजीनियर दीपांकर चट्टोपाध्याय पिछले 38 वर्षों से देश की महत्वपूर्ण बांध, सुरंग, जलविद्युत और भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में अपने अनुभव और तकनीकी दक्षता से इस सोच को जमीन पर उतारा है। निर्माण और तकनीकी सलाहकार के तौर पर उनका अनुभव बांधों, आरसीसी संरचनाओं, सुरंगों और बड़े भूमिगत निर्माण कार्यों तक फैला है।
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उनका कॅरिअर परियोजनाओं की योजना और डिजाइन समीक्षा से लेकर निर्माण, कमीशनिंग और निर्माण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान तक रहा है। चट्टोपाध्याय बताते हैं कि इंजीनियरिंग कॅरिअर की प्रमुख उपलब्धियों में भारत के पहले रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट (आसीसी) बांध से जुड़ाव भी शामिल है।
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परियोजना के निर्माण चरण में उन्होंने आरसीसी की मिक्स टेक्नोलॉजी, कंक्रीट की लिफ्ट प्लेसमेंट, ज्वाइंट ट्रीटमेंट और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर काम किया। आरसीसी तकनीक में कंक्रीट के निर्माण और प्लेसमेंट की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के साथ-साथ गुणवत्ता और संरचना की मजबूती सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है।
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इसके अलावा उन्होंने जलविद्युत और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में बांध संरचनाओं, वाटरवे और पावरहाउस के सिविल कार्यों से जुड़े तकनीकी मामलों में भी मार्गदर्शन दिया।


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सुरंग निर्माण में अपनाए व्यावहारिक समाधान
भूमिगत निर्माण और टनलिंग के क्षेत्र में भी दून के किशनपुर निवासी चट्टोपाध्याय का लंबा अनुभव रहा है। जटिल भूमिगत परियोजनाओं में निर्माण पद्धति और सपोर्ट सिस्टम को लेकर उन्होंने तकनीकी सलाह दी। भारत में शुरुआती भूमिगत रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों में भी उनका अनुभव रहा है। कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों में सुरंग की सुरक्षा, निर्माण की गति और तकनीकी जोखिमों को नियंत्रित करना उनके कार्यक्षेत्र का अहम हिस्सा रहा। अपने लंबे कॅरिअर के दौरान उन्होंने पटेल इंजीनियरिंग, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और सिम्प्लेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के साथ काम किया।
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