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Digital Arrest: डीएसपी साइबर के एक वीडियो मैसेज से कंगाल होने से बच गया व्यक्ति...रंग लाया अमर उजाला का प्रयास

Sat, 28 Sep 2024 01:12 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 28 Sep 2024 01:12 PM IST
सार

उत्तराखंड के रुड़की में डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने के बाद इसकी खूब चर्चा होने लगी थी। अमर उजाला ने डिजिटल अरेस्ट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए डीएसपी साइबर से इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। 

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Digital arrest DSP Cyber Ankush Mishra video on proved helpful Amar Ujala efforts Cyber Crime Series
डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

डिजिटल अरेस्ट इस वक्त भारत में सबसे तेजी से फैलने वाला स्कैम है। उत्तराखंड में भी इस तरह का एक मामला पहले आ चुका है, लेकिन हाल ही में डिजिटल अरेस्ट पर डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा के वीडियो ने एक व्यक्ति को कंगाल होने से बचा लिया। उनका यह वीडियो व्यक्ति ने अमर उजाला के यू-ट्यूब चैनल पर देखा था। 

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साइबर सुरक्षा की दिशा में साइबर पुलिस के साथ अमर उजाला का प्रयास रंग ला रहा है। एक व्यक्ति पिछले दिनों यूट्यूब पर आई अमर उजाला की वीडियो से डिजिटल गिरफ्तारी से बच गया। वीडियो देखकर व्यक्ति ने न सिर्फ खुद को बचाया, बल्कि इसकी सूचना साइबर थाना पुलिस को भी दी। ठगों ने उन्हें डिजिटल गिरफ्तार दर्शाकर 10 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन जागरूकता के इस प्रयास से व्यक्ति की यह रकम ठगों के खाते में जाने से बच गई।
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बता दें कि गत 17 सितंबर को अमर उजाला के यूट्यूब चैनल पर डीएसपी साइबर अंकुश मिश्रा ने डिजिटल गिरफ्तारी को विस्तार से बताया था। उन्होंने इस शब्द की व्याख्या करते हुए बताया था कि ऐसी कोई प्रक्रिया होती ही नहीं है। यही नहीं उन्होंने इससे बचने के तरीके भी पाठकों और दर्शकों को बताए थे। ठग इस नए तरीके से नित लोगों को फंसाने की जुगत में रहते हैं। इसी तरह उनके जाल में देहरादून निवासी एक नागरिक भी फंस रहे थे। उन्हें भी भय दिखाते हुए डिजिटल गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई थी। उनसे बचने के लिए 10 लाख रुपये की मांग भी की गई।

समाचार पत्र में डिजिटल गिरफ्तारी के बारे में पढ़ा
एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि इसी बीच व्यक्ति ने इस वीडियो को देखा और समाचार पत्र में डिजिटल गिरफ्तारी के बारे में पढ़ा। यह देख और पढ़कर उन्हें समझते देर न लगी कि कोई उन्हें ठगने की कोशिश कर रहा है। इस पर उन्होंने साइबर थाना पुलिस को सूचना दी। डीएसपी अंकुश मिश्रा की टीम ने इन नंबरों की पड़ताल की और इन्हें काली सूची में डाल दिया। इस तरह अमर उजाला और साइबर थाना पुलिस के प्रयास से व्यक्ति के 10 लाख रुपये बच गए।

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ठगों ने रुपये देने के लिए दिया था समय
साइबर ठगों ने व्यक्ति को इस कदर भय में डाल दिया था कि वह कुछ सोच नहीं पा रहे थे। ठगों को देने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे तो उन्होंने 10 लाख रुपये बैंक से लोन ले लिया। उन्हें एक दो दिन का समय दिया गया था। इसी समय में उन्होंने इस वीडियो से खुद को जागरूक कर लिया और अपनी रकम बचा ली। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने लोगों से साइबर सुरक्षा के प्रति और अधिक जागरूक होने की अपील की है।
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