{"_id":"6283ea9abad2cc2edd52e571","slug":"diarrhea-vomiting-diarrhea-as-well-as-jaundice-attack-of-typhoid-diseases-as-the-mercury-rises-city-news-drn412021110","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा चढ़ने के साथ ही डायरिया, उल्टी दस्त के साथ ही पीलिया, टायफाइड बीमारियों का हमला,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा चढ़ने के साथ ही डायरिया, उल्टी दस्त के साथ ही पीलिया, टायफाइड बीमारियों का हमला,
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी दून और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से पारा लगातार बढ़ने के साथ ही डायरिया, उल्टी-दस्त के साथ-साथ पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों ने भी हमला बोल दिया है। डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया और टाइफाइड से पीड़ित सैकड़ों मरीज दून अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
दून अस्पताल के विशेषज्ञों की मानें, तो ओपीडी में 50 फीसदी से अधिक मरीज डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत के मुताबिक, अस्पताल के ओपीडी में 50 फीसदी से अधिक मरीज ऐसे आ रहे, जो पीलिया, टाइफाइड, उल्टी दस्त और डायरिया से पीड़ित हैं। इन मरीजों में से कई की हालत बेहद गंभीर है, जिन्हें ओपीडी में जांच पड़ताल करने के साथ ही तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया कि फिलहाल अस्पताल में 200 से अधिक ऐसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उधर, डॉ. पंत के मुताबिक, खानपान में एहतियात न बरतने और बेतहाशा गर्मी के चलते लोगों की सेहत खराब हो रही है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। बताया कि डायरिया, उल्टी-दस्त पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा है, क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता युवाओं की तुलना में थोड़ी कम होती है।
विज्ञापन
पीलिया के लक्षण---
पीड़ित मरीजों की आंखें पीली होने के साथ ही त्वचा का रंग भी पीला पड़ जाता है, बुखार होने के साथ ही थकावट महसूस होती है, पेट में जलन की शिकायत, सिर में दर्द, आंख के साथ ही नाखून का रंग पीला पड़ना, चिकनाई वाले भोजन से अरुचि, पीलिया होने पर मरीज को हाथ-पैर में खुजली होती है।
टाइफाइड के लक्षण---
पीड़ित मरीज गंभीर सिरदर्द होता है, 104 डिग्री तक बुखार, शरीर में दर्द के साथ ही जी मिचलाना, पेट दर्द के साथ ही दस्त व कब्ज की भी शिकायत, भूूख नहीं लगती और पेट भरा हुआ महसूस होता है।
डायरिया के लक्षण---
पीड़ित मरीज के शरीर से पानी के रूप में मल निकलता है, पेट में ऐंठन के साथ गंभीर दर्द, मरीज को जी मिचलाने के साथ उल्टी होती है, शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, डिहाइड्रेशन की शिकायत, भूख बेहद कम लगती है, बेहद गंभीर स्थिति में कमजोरी महसूस करने के साथ चलने फिरने में समस्या होती है।
बीमारियों से बचाव---
ज्यादा मात्रा में फलों के जूस के साथ पानी का इस्तेमाल करें, घर से बाहर जब भी निकले सिर ढककर निकलें, बाहर से घर आने के बाद फौरन फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं, एसी में काफी देर तक रहने के बाद तुरंत गर्मी में बाहर न निकलें, यदि गर्मी ज्यादा है तो गरमा गरम चाय, कॉफी से परहेज करें, खानपान का विशेष ध्यान रखें, हल्का और सुपाच्य भोजन करें, खरबूजा-तरबूज जैसे फलों का अधिक सेवन करें, नींबू-पानी का अत्यधिक इस्तेमाल करें, वसा युक्त भोजन करने से बचें, डायरिया होने की स्थिति में दूध, डेयरी से बने उत्पादों का इस्तेमाल कतई न करें, पानी सदैव उबालकर पीएं, सड़क के किनारे खुले में बिक रहीं खाने-पीने की चीजों का सेवन न करें, बाजार से जो भी फल लाएं उसे बगैर धोए सेवन न करें, हाथ की साफ सफाई के साथ ही घर की सफाई का खास ध्यान दें, बासी खाना कतई न खाएं और हमेशा गर्म खाना खाएं, भरपेट भोजन कतई न करें और पेट को थोड़ा खाली रखें।
विज्ञापन
दून अस्पताल के विशेषज्ञों की मानें, तो ओपीडी में 50 फीसदी से अधिक मरीज डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत के मुताबिक, अस्पताल के ओपीडी में 50 फीसदी से अधिक मरीज ऐसे आ रहे, जो पीलिया, टाइफाइड, उल्टी दस्त और डायरिया से पीड़ित हैं। इन मरीजों में से कई की हालत बेहद गंभीर है, जिन्हें ओपीडी में जांच पड़ताल करने के साथ ही तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
बताया कि फिलहाल अस्पताल में 200 से अधिक ऐसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उधर, डॉ. पंत के मुताबिक, खानपान में एहतियात न बरतने और बेतहाशा गर्मी के चलते लोगों की सेहत खराब हो रही है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। बताया कि डायरिया, उल्टी-दस्त पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा है, क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता युवाओं की तुलना में थोड़ी कम होती है।
विज्ञापन
पीलिया के लक्षण---
पीड़ित मरीजों की आंखें पीली होने के साथ ही त्वचा का रंग भी पीला पड़ जाता है, बुखार होने के साथ ही थकावट महसूस होती है, पेट में जलन की शिकायत, सिर में दर्द, आंख के साथ ही नाखून का रंग पीला पड़ना, चिकनाई वाले भोजन से अरुचि, पीलिया होने पर मरीज को हाथ-पैर में खुजली होती है।
टाइफाइड के लक्षण---
पीड़ित मरीज गंभीर सिरदर्द होता है, 104 डिग्री तक बुखार, शरीर में दर्द के साथ ही जी मिचलाना, पेट दर्द के साथ ही दस्त व कब्ज की भी शिकायत, भूूख नहीं लगती और पेट भरा हुआ महसूस होता है।
डायरिया के लक्षण---
पीड़ित मरीज के शरीर से पानी के रूप में मल निकलता है, पेट में ऐंठन के साथ गंभीर दर्द, मरीज को जी मिचलाने के साथ उल्टी होती है, शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, डिहाइड्रेशन की शिकायत, भूख बेहद कम लगती है, बेहद गंभीर स्थिति में कमजोरी महसूस करने के साथ चलने फिरने में समस्या होती है।
बीमारियों से बचाव---
ज्यादा मात्रा में फलों के जूस के साथ पानी का इस्तेमाल करें, घर से बाहर जब भी निकले सिर ढककर निकलें, बाहर से घर आने के बाद फौरन फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं, एसी में काफी देर तक रहने के बाद तुरंत गर्मी में बाहर न निकलें, यदि गर्मी ज्यादा है तो गरमा गरम चाय, कॉफी से परहेज करें, खानपान का विशेष ध्यान रखें, हल्का और सुपाच्य भोजन करें, खरबूजा-तरबूज जैसे फलों का अधिक सेवन करें, नींबू-पानी का अत्यधिक इस्तेमाल करें, वसा युक्त भोजन करने से बचें, डायरिया होने की स्थिति में दूध, डेयरी से बने उत्पादों का इस्तेमाल कतई न करें, पानी सदैव उबालकर पीएं, सड़क के किनारे खुले में बिक रहीं खाने-पीने की चीजों का सेवन न करें, बाजार से जो भी फल लाएं उसे बगैर धोए सेवन न करें, हाथ की साफ सफाई के साथ ही घर की सफाई का खास ध्यान दें, बासी खाना कतई न खाएं और हमेशा गर्म खाना खाएं, भरपेट भोजन कतई न करें और पेट को थोड़ा खाली रखें।