मुसीबत की घड़ी में अब 100 की जगह डायल कीजिए 112, सीधे पुलिस मुख्यालय लगेगी कॉल
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अभी तक पुलिस की किसी भी मदद के लिए पीड़ित 100 नंबर डायल करता था, लेकिन अब पीड़ित किसी भी सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल कर सकेंगे। 112 नंबर पर डायल की गई कॉल सीधे मुख्यालय में पहुंचेगी। यहां कॉल की मॉनीटरिंग कर रहे अधिकारी उस कॉल को संबंधित क्षेत्र में ट्रांसफर कर पीड़ित की मदद करेंगे।
अभी तक आमजन सबसे पहले जब किसी मुसीबत में फंसता है या किसी दूसरे व्यक्ति को दिक्कत में देखता है तो सबसे पहले 100 नंबर ही डायल करता है, लेकिन उत्तराखंड में अब 100 नंबर की जगह 112 ने ले ली है।
112 का कंट्रोल रूम देहरादून में एसएसपी कार्यालय कैंपस में बनाया गया है। यदि कोई पीड़ित हरिद्वार से 112 डायल करता है तो उसकी शिकायत सीधे देहरादून कंट्रोल रूम में दर्ज होगी। वहां से पीड़ित की लोकेशन पूछकर सीधे वहां के कंट्रोल रूम में सूचना फ्लैश होगी।
इसके बाद पीड़ित जिस क्षेत्र में मौजूद है वहां की पुलिस उसकी मदद के लिए उसके पास पहुंचेगी। यहीं नहीं समस्या का समाधान हुआ या नहीं इसके लिए भी पीड़ित और संबंधित पुलिस अधिकारी से फीड बैक लिया जाएगा। ऐसे में पुलिसकर्मी अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते हैं।
यह एक मास्टर नंबर
डायल 112 पर केवल घटना की ही शिकायत दर्ज नहीं होगी बल्कि फायर स्टेशन, एंबुलेंस की उपलब्धता से लेकर महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायत पर भी यह नंबर डायल कर सकते हैं। हालांकि इन सभी सुविधाओं के लिए अलग टोल फ्री नंबर है। यदि किसी दशा में उन सुविधाओं के नंबर पर संपर्क नहीं हो पाता है तो यह नंबर ही मास्टर नंबर का कार्य करेगा।
जल्द ही 100 नंबर खत्म हो जाएगा। फिलहाल 100 नंबर पर आने वाली कॉल को 112 पर ही डायवर्ट किया हुआ है। 112 डायल करना मौजूदा समय में 100 से बेहतर रहेगा। डायल 112 के कंट्रोल रूम में करीब 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिसकी डयूटी राउंड द क्लॉक रहती है।
-एआरओ, मुकेश ठाकुर, पुलिस कंट्रोल रूम