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...तो अब धूप से छटेगा बेरोजगारी और पलायन का कोहरा
अंकुर शर्मा/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 04 Aug 2017 03:32 PM IST
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गांवों से पलायन और बेरोजगारी के खात्मे को वन विभाग ने अब वन पंचायतों को हथियार बनाया है।
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हल्द्वानी वन प्रभाग गैर सरकारी संगठन की मदद से वन पंचायतों में ग्रामीणों को जंगल किनारे होने वाली झाड़ियों और सुगंधित फूलों से धूप बत्ती बनाने का प्रशिक्षण देने जा रहा है। बाद में यह संगठन तैयार धूप बत्ती के लिए बाजार उपलब्ध कराएगा, जो सीधे ग्रामीणों को आर्थिक तौर पर सुदृढ़ करने में मददगार होगा।
हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल ने बागेश्वर के एक गैर सरकारी संगठन दीक्षा सेवा समिति के साथ यह पहल की है। इसके अंतर्गत समिति को जंगल और गांव के किनारे होने वाली झाड़ियों व सुगंधित फूलों गुलाब, मोगरा, चमेली, हरसिंगार, रात की रानी आदि से धूप बत्ती बनाने का प्रशिक्षण दे रहा है।
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यह धूप बत्ती पूरी तरह हर्बल होगी। इसमें साधारण धूप बत्तियों की तरह रसायनों, टायर, कोलतार की मिलावट नहीं की जाएगी। बाद में यह समिति हल्द्वानी वन प्रभाग की 12 वन पंचायतों में करीब 1500 ग्रामीणों को धूप बत्ती बनाने का प्रशिक्षण देगा। यह मुहिम सिर्फ प्रशिक्षित करने तक ही सीमित नहीं रह जाएगी।
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संगठन का एक काम तैयार धूप के लिए बाजार भी मुहैया कराना होगा ताकि वन पंचायतों के ग्रामीण आर्थिक तौर पर मजबूत भी हो सके। वन विभाग का मानना है कि जब ग्रामीणों को गांव में धूप बत्ती बनाकर कमाई का जरिया मिल जाएगा तो पलायन और बेरोजगारी पर पर कुछ अंकुश लग पाएगा।
यह पहला मौका है जब कोई गैर सरकारी संगठन वन पंचायतों में धूप बत्ती का प्रशिक्षण देगा और तैयार माल को बेचने में भी मदद करेगा। इससे ग्रामीणों की आर्थिक तंगी दूर करने में मदद मिलेगी।
- डॉ. चंद्रशेखर सनवाल, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी