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केदारनाथ धाम के विकास का एक और रोडमैप
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 17 Jan 2016 01:26 PM IST
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2013 में प्राकृतिक आपदा का दंश झेल चुके केदारनाथ धाम का विकास केंद्र की प्रसाद योजना के तहत भी होगा।
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उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इसके लिए 50 करोड़ की लागत से होने वाले विकास कार्यों की डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेज दी है। केंद्र से बजट मिलते ही नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की निगरानी में देश के धार्मिक स्थलों के विकास और उनकी पुरातन शैली को बरकरार रखने के लिए पिलग्रिमेज रीजुवेनेशन एंड स्पिरीचुअली आंगमेंटेशन ड्राइव (प्रसाद ) योजना शुरू की गई है।
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योजना के पहले चरण में देश के 12 प्रमुख धार्मिक स्थलों केदारनाथ, अमरावती, विष्णुपद मंदिर (गया), कृष्ण मंदिर (द्वारिका), स्वर्ण मंदिर (अमृतसर), अजमेर, कांचीपुरम, वेलानकानी (तमिलनाडु), पुरी, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), कृष्ण जन्म भूमि (मथुरा) और कामाख्या देवी मंदिर (पश्चिम बंगाल) को चयनित किया है। प्रसाद योजना हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आंगमेंटेशन योजना (हृदय) का एक हिस्सा है।
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केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से योजना के पहले चरण के लिए 453.90 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। इसके तहत गया के विष्णुपद मंदिर के विकास के लिए 85.78 करोड़ का बजट भी दे दिया गया है। पर्यटन सचिव शैलेश बगौली के मुताबिक इसी योजना के तहत उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने केदारनाथ व इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए विकास के लिए 50 करोड़ करोड़ की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है।