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Dehradun News: धूल फांक रहा 80 लाख का प्लांट, दून से मंगा रहे सिलिंडर
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I- उप जिला चिकित्सालय लंढौर का ऑक्सीजन प्लांट डेढ़ साल से खराब
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I- पर्यटन नगरी मसूरी में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल, विभाग नहीं गंभीरI
उप जिला चिकित्सालय लंढौर का अपना ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद सिलिंडर देहरादून से मंगाने पड़ रहे हैं। करीब 80 लाख रुपये की लागत से तैयार ऑक्सीजन प्लांट डेढ़ साल से खराब है। मशीनें धूल फांक रही हैं। प्लांट को शुरू करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है।
उप जिला चिकित्सालय लंढौर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लाखों की लागत से द दून स्कूल ओल्ड ब्वायज सोसायटी की मदद से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। प्लांट की ऑक्सीजन क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट की थी। उचित रखरखाव और प्रशिक्षित कर्मचारी के अभाव में प्लांट पिछले डेढ़ साल से खराब है। अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआती दिनों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रशिक्षण देकर काम चलाऊ व्यवस्था तो की थी लेकिन व्यवस्था कारगर साबित नही हुई। हालात ये है कि प्लांट की मशीनें धूल फांक रही है। साथ ही अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई देहरादून से की जा रही है।
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन प्लांट को ठीक करना चाहिए। ये दुखद है कि पिछले डेढ़ सालों से प्लांट बंद है लेकिन उसको ठीक करने के लिए कोई कार्रवाई नही की गई। इसको दुर्भाग्य ही कहेंगे कि अस्पताल का अपना ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद भी ऑक्सीजन सिलिंडर देहरादून से मंगानी पड़ रही। कहा, मसूरी एक पर्यटन नगरी है। यहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
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Iऑक्सीजन प्लांट डेढ़ साल से खराब है। इसकी वजह से अस्पताल में ऑक्सीजन की पूर्ति देहरादून के अंबिका गैस एजेंसी से की जा रही है। छह माह में छोटे-बड़े 20 ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जाते हैं। प्लांट खराब होने की जानकारी सीएमओ को दी गई है। प्लांट के लिए टेक्नीशियन जल्द मिलने की उम्मीद है। प्लांट को जल्द शुरू किया जाएगा। - डॉ. यतेंद्र सिंह, सीएमएस, उप जिला चिकित्सालयI
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I- पर्यटन नगरी मसूरी में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल, विभाग नहीं गंभीरI
उप जिला चिकित्सालय लंढौर का अपना ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद सिलिंडर देहरादून से मंगाने पड़ रहे हैं। करीब 80 लाख रुपये की लागत से तैयार ऑक्सीजन प्लांट डेढ़ साल से खराब है। मशीनें धूल फांक रही हैं। प्लांट को शुरू करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है।
उप जिला चिकित्सालय लंढौर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लाखों की लागत से द दून स्कूल ओल्ड ब्वायज सोसायटी की मदद से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। प्लांट की ऑक्सीजन क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट की थी। उचित रखरखाव और प्रशिक्षित कर्मचारी के अभाव में प्लांट पिछले डेढ़ साल से खराब है। अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआती दिनों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रशिक्षण देकर काम चलाऊ व्यवस्था तो की थी लेकिन व्यवस्था कारगर साबित नही हुई। हालात ये है कि प्लांट की मशीनें धूल फांक रही है। साथ ही अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई देहरादून से की जा रही है।
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निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन प्लांट को ठीक करना चाहिए। ये दुखद है कि पिछले डेढ़ सालों से प्लांट बंद है लेकिन उसको ठीक करने के लिए कोई कार्रवाई नही की गई। इसको दुर्भाग्य ही कहेंगे कि अस्पताल का अपना ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद भी ऑक्सीजन सिलिंडर देहरादून से मंगानी पड़ रही। कहा, मसूरी एक पर्यटन नगरी है। यहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
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Iऑक्सीजन प्लांट डेढ़ साल से खराब है। इसकी वजह से अस्पताल में ऑक्सीजन की पूर्ति देहरादून के अंबिका गैस एजेंसी से की जा रही है। छह माह में छोटे-बड़े 20 ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जाते हैं। प्लांट खराब होने की जानकारी सीएमओ को दी गई है। प्लांट के लिए टेक्नीशियन जल्द मिलने की उम्मीद है। प्लांट को जल्द शुरू किया जाएगा। - डॉ. यतेंद्र सिंह, सीएमएस, उप जिला चिकित्सालयI