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डेंगू का चौतरफा हमले से हारा दून अस्पताल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 04 Oct 2013 09:16 AM IST
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उत्तराखंड में डेंगू का चौतरफा हमला शुरू हो गया है। हरिद्वार, रुड़की, पौड़ी, टिहरी आदि जिलों से मरीज रेफर होकर दून अस्पताल आ रहे हैं।
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उधर, मरीजों की बढ़ती संख्या देख दून अस्पताल ने हाथ खड़े कर लिए हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल का कहना है कि बेड होगा तभी मरीज को भर्ती किया जाएगा, नहीं तो हायर सेंटर के लिए रेफर कर देंगे। दून अस्पताल प्रबंधन ने डेंगू मरीज के लिए बरामदे में तीन बेड डालकर अलग वार्ड बना दिया था। ये तीनों बेड एक महीने से भरे हैं।
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इंटेंसिव केयर की व्यवस्था नहीं हो पा रही
अस्पताल के आईसीयू में चार बेड हैं। इनमें अधिकांश रोगी न्यूरो सर्जरी के होते हैं। डेंगू मरीजों के लिए अस्पताल में इंटेंसिव केयर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर किया जा रहा है और दूसरे जिलों के अस्पताल रोगियों को दून अस्पताल रेफर कर रहे हैं।
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पढ़ें, हरिद्वार में फैल रहा डेंगू डंक
बाहर से आए डेंगू के मरीजों को बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। लोग मरीजों को इधर-उधर लेकर भटकते हैं, फिर नर्सिंगहोमों में भर्ती हो रहे हैं। गुरुवार को प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने हाथ खड़े कर दिए। अस्पताल का आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड फुल हो गया है। जिन मरीजों की तबियत थोड़ी ठीक हो जा रही है, उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है।
ओपीडी में भी मरीजों की संख्या तीन गुनी हो गई है। दवा काउंटर पर लंबी कतारें लग जा रही हैं। ओपीडी आने वाले रोगियों में अधिकांश वायरल फीवर के मरीज हैं। रुड़की, हरिद्वार से मरीज लगातार रेफर होकर आ रहे हैं।
कोरोनेशन में भर्ती होंगे डेंगू मरीज
गुरुवार को दून ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की बैठक में तय हुआ कि अब कोरोनेशन में भी डेंगू के मरीज भर्ती होंगे। कोरोनेशन से मरीजों को दून अस्पताल रेफर नहीं किया जाएगा। डा. आरएस असवाल ने बताया कि अगर जरूरत होगी तो दून अस्पताल के डॉक्टर कोरोनेशन आकर मरीज देखेंगे।
कोरोनेशन में आईसीयू नहीं है। बैठक में कहा गया कि प्रत्येक डेंगू रोगी को आईसीयू की जरूरत नहीं होती। तेज बुखार के लक्षण वाले रोगियों को यहां भर्ती कर लिया जाएगा।
विधायक के बेटे को डेंगू
विधायक फुरकान अहमद के बेटे जुनैद अहमद (22) डेंगू हो गया है। रोगी को गंभीर हालत में दून अस्पताल में भर्ती किया गया। डेंगू वार्ड, आईसीयू और प्राइवेट वार्ड फुल होने के कारण रोगी पेइंग वार्ड में रखा गया है। रोगी का प्लेटलेट्स काउंट घट कर डेढ़ लाख के स्थान पर इक्कीस हजार हो गया है।
डा. सुंदरियाल ने बताया कि प्राइवेट पैथोलोजी की रिपोर्ट में रोगी को डेंगू एंटीजन की पुष्टि हुई है। प्लेटलेट्स काउंट इतना गिरने से लगता है कि डेंगू तो है। इसके बावजूद शुक्रवार को एलाइजा मशीन से डेंगू की जांच कराई जाएगी।
रोगी ठीक होने के बाद यह ध्यान रखें
ठीक होने के बाद छह महीने तक हाई प्रोटीन डाइट लें
योग-प्राणायाम करें
नियमित मॉर्निंग वॉक करें
फ्लू की फौरन दवा लें, नहीं तो शरीर में बचे डेंगू वायरस एक्टिव हो जाएंगे
एस्प्रिन का आपात स्थिति में इस्तेमाल करें
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