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ख्याल रखें, दून में लगातार बढ़ रहे डेंगू मरीज
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 23 Aug 2015 11:54 AM IST
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देहरादून में सात और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इस बार जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 13 पहुंच गई है।
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जबकि डेंगू के लक्षणों वाले 30 मरीज निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने सभी अस्पतालों को डेंगू पर नियंत्रण के लिए अलर्ट जारी किया है। शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू बुखार और उससे मिलते जुलते लक्षणों वाले मरीज बढ़ने लगे हैं।
शनिवार को सात और मरीजों की एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लगभग दो हफ्ते के अंतराल में जिले में 13 लोगों को डेंगू होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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जिनमें डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें छह मरीज दून अस्पताल और सात हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट पहुंचे। सीएमओ डा. एसपी अग्रवाल ने बताया कि अस्पतालों में अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। अब तक जो मामले आए हैं, उनमें ज्यादातर जिले से बाहर के हैं।
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सतर्क नहीं दिख रहा विभाग
डेंगू पर 18 अगस्त को खुद जिलाधिकारी रविनाथ रमन भी जिले के अधिकारियों की बैठक ले चुके हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद कहीं भी फागिंग और जागरूकता अभियान नजर नहीं आ रहा है।
ये हैं लक्षण
पेशाब, खांसी या मसूड़ों में खून का आना और बुखार डेंगू के लक्षण हैं। खास किस्म के मच्छर के काटने से व्यक्ति के खून में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। स्वस्थ मनुष्य में डेढ़ लाख से चार लाख तक प्लेटलेट्स होते हैं। यह संख्या बीस हजार से कम पहुंचने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। मरीज को खून चढ़ाकर प्लेटलेट्स की मात्रा बढ़ाई जाती है।
ऐसे करें बचाव
: डेंगू का मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है
: इसलिए घर या दफ्तर के आसपास पानी जमा न होने दें
: कूलर, फ्रीज, गमलों में पानी बदलते रहें
: अमूमन डेंगू का मच्छर शाम के समय काटता है। इसलिए शाम के समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
: लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं
: बिना योग्य डॉक्टर की राय के मरीज को कोई दवा न दें। इससे प्लेटलेट्स घटने का डर रहता है