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Dehradun News: बस्तीवासियों के पक्ष में एमडीडीए कार्यालय पर प्रदर्शन
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बस्ती के लोगों को साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका देने और प्रभावितों का पुनर्वास करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने प्रभावितों के साथ मिलकर एमडीडीए कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई।
मांग की गई है कि जिन परिवारों के घरों को बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए तोड़ा गया है, उन्हें मुआवजा देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। लोगों ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी को हटाने से पहले कानूनी प्रक्रिया अपनाकर पहले प्रभावितों की पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। कहा कि देहरादून की नदियों में होटल, रिर्जार्ट, रेस्टोरेंट और अनेक अन्य निजी संस्थान और सरकारी विभागों ने अतिक्रमण किया है, लेकिन उन्हें नोटिस तक नहीं दिए जा रहे। लोगों ने एमडीडीए उपाध्यक्ष के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
इसमें आरोप लगाया कि नगर आयुक्त बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाए लोगों को बेदखल कर रहे हैं। लोगों को व्यक्तिगत सुनवाई और अपील करने का मौका नहीं दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि 2016 से पहले से रह रहे लोगों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
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प्रदर्शन करने वालों में चेतना आंदोलन से शंकर गोपाल, सीपीआईएम से राजेंद्र पुरोहित, अनंत आकाश, सीआईटीयू के लेखराज, नवनीत गुसाईं, आंदोलनकारी परिषद के सुरेश कुमार, नितिन मलैठा, हिमांशु चौहान, नरेंद्र कुमार, राजेंद्र शर्मा, रामसिंह भंडारी, सुनीता, रविंद्र नौडियाल शामिल रहे।
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मांग की गई है कि जिन परिवारों के घरों को बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए तोड़ा गया है, उन्हें मुआवजा देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। लोगों ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी को हटाने से पहले कानूनी प्रक्रिया अपनाकर पहले प्रभावितों की पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। कहा कि देहरादून की नदियों में होटल, रिर्जार्ट, रेस्टोरेंट और अनेक अन्य निजी संस्थान और सरकारी विभागों ने अतिक्रमण किया है, लेकिन उन्हें नोटिस तक नहीं दिए जा रहे। लोगों ने एमडीडीए उपाध्यक्ष के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
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इसमें आरोप लगाया कि नगर आयुक्त बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाए लोगों को बेदखल कर रहे हैं। लोगों को व्यक्तिगत सुनवाई और अपील करने का मौका नहीं दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि 2016 से पहले से रह रहे लोगों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
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प्रदर्शन करने वालों में चेतना आंदोलन से शंकर गोपाल, सीपीआईएम से राजेंद्र पुरोहित, अनंत आकाश, सीआईटीयू के लेखराज, नवनीत गुसाईं, आंदोलनकारी परिषद के सुरेश कुमार, नितिन मलैठा, हिमांशु चौहान, नरेंद्र कुमार, राजेंद्र शर्मा, रामसिंह भंडारी, सुनीता, रविंद्र नौडियाल शामिल रहे।