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Dehradun News: राष्ट्रीय फार्मेसी सर्विस रेगुलेशन के गठन की मांग
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IIडिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की ओर से राष्ट्रीय फार्मेसी सर्विस रेगुलेशन के गठन की मांग की गई है। एसोसिएशन ने इस संबंध में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखा है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती ने कहा कि किसी भी रोग के निवारण के लिए औषधि की आवश्यकता पहले होती है। बावजूद इसके फार्मेसी सेवा के विकास के लिए उचित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दवाइयों से जुड़ा काम अन्य कैडर के लोगों के हाथों में हैं। इसका सीधा असर दवाइयों के भंडारण व वितरण पर पड़ रहा है। कहा कि अस्पतालों में एक फार्मासिस्ट पर ओपीडी में आने वाले 500 से अधिक मरीजों को सेवा देने का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर देश में यूनिफॉर्म फार्मासिस्ट सर्विस रेगुलेशन लागू करने की मांग की है। इसमें एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, अनिल बिष्ट, ब्रिजेश कुमार, टीआर रौथाण, आजाद चौधरी, हरीश चंद्र उनियाल एवं संजय कुमार आदि मौजूद रहे।I
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IIडिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की ओर से राष्ट्रीय फार्मेसी सर्विस रेगुलेशन के गठन की मांग की गई है। एसोसिएशन ने इस संबंध में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखा है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती ने कहा कि किसी भी रोग के निवारण के लिए औषधि की आवश्यकता पहले होती है। बावजूद इसके फार्मेसी सेवा के विकास के लिए उचित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दवाइयों से जुड़ा काम अन्य कैडर के लोगों के हाथों में हैं। इसका सीधा असर दवाइयों के भंडारण व वितरण पर पड़ रहा है। कहा कि अस्पतालों में एक फार्मासिस्ट पर ओपीडी में आने वाले 500 से अधिक मरीजों को सेवा देने का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर देश में यूनिफॉर्म फार्मासिस्ट सर्विस रेगुलेशन लागू करने की मांग की है। इसमें एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, अनिल बिष्ट, ब्रिजेश कुमार, टीआर रौथाण, आजाद चौधरी, हरीश चंद्र उनियाल एवं संजय कुमार आदि मौजूद रहे।I