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70 का सफर, लग रहा 125 किलोमीटर चक्कर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:19 AM IST
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सहारनपुर तक सीधी रेल सेवा नहीं होने से दूनवासियों को आज भी 70 किलोमीटर की यात्रा के लिए करीब 125 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इससे समय और पैसा दोनों ही ज्यादा लगते हैं। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। हिमाचल को उत्तराखंड से सीधी रेल सेवा से जोड़ने की दिशा में भी बात आगे नहीं बढ़ पाई है।
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देहरादून को सहारनपुर से सीधी रेल सेवा से जोड़ने के लिए वाया विकासनगर होते हुए रेलवे लाइन बिछाने की मांग पिछले कई साल से चल रही है। 18 साल पहले 1996 में तत्कालीन गढ़वाल सांसद के रेल राज्य मंत्री बनने पर दून रेलवे रेलवे स्टेशन पर इस लाइन केसर्वे कार्य का शिलान्यास करके लोगों की उम्मीद को जगाया था। लेकिन तब से लेकर अब तक 17 रेल बजट संसद में पेश हो चुके हैं लेकिन सर्वे कार्य आज तक नहीं हुआ। अब तो शिलापट पर लिखा हुआ भी धुंधला पड़ने लगा है।
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एक बार फिर जगी उम्मीदें
हालांकि एक बार फिर से उम्मीदें जवां हुई हैं, क्योंकि तब के कांग्रेसी रेल राज्य मंत्री और उत्तराखंड के कद्दावर नेता सतपाल महाराज वर्तमान में केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा में हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु से सतपाल महाराज जरूर इस रेल लाइन के लिए वकालत करेंगे और जोरदार तरीके से पैरवी भी करेंगे।
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इस रेल लाइन के बिछने से देहरादून और सहारनपुर के बीच सफर सस्ता और सरल होगा। अभी देहरादून से हरिद्वार होकर सहारनपुर की रेल मार्ग से दूरी करीब 125 किलोमीटर है। अभी दून से सहारनपुर ट्रेन से पहुंचने में लगभग तीन घंटे का वक्त लग जाता है। जबकि देहरादून से मोहंड सड़क मार्ग की दूरी करीब 70 किलोमीटर है।
उत्तराखंड-हिमाचल को जोड़ने में भी फायदेमंद
देहरादून-विकासनगर-सहारनपुर रेल लाइन पर काम होता है तो यह हिमाचल को उत्तराखंड से जोड़ने की दिशा में पहल होगी। अगर यह लाइन बन जाती है तो फिर विकासनगर से हिमाचल तक रेल लाइन बिछाने में सरलता होगी।