देहरादूनः पिता की पिस्टल से बेटे ने खुद को मारी गोली, अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
- मानसिक रूप से बीमार चल रहे नौवीं के छात्र ने स्कूल में भी की थी खुदकुशी की कोशिश
- पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर शुरू की जांच
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वसंत विहार इलाके में प्रोफे सर के 14 साल के बेटे ने लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मारकर खुदकुशी का प्रयास किया। सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कक्षा नौ के इस छात्र की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने पिस्टल जब्त कर जांच शुरू कर दी है। छात्र ने दिसंबर माह में स्कूल में खुद को ब्लेड मारकर जान देने की कोशिश भी की थी। मानसिक रूप से बीमार छात्र का मनोचिकित्सक के यहां इलाज चल रहा था।
प्रेमनगर क्षेत्र की एक यूनिवर्सिटी में कार्यरत प्रोफेसर का बेटा क्लेमेंटटाउन के एक स्कूल में कक्षा नौ का छात्र है। रविवार रात वह पिता, मां और चार साल के भाई के साथ घर में ही था। इसी बीच वह बहाने से टायलेट चला गया। बेटा काफी देर तक नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे आवाज लगाई।
जवाब नहीं मिला तो वे दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। टायलेट के अंदर लगे दूसरे गेट की बालकानी में वह खून से लथपथ पड़ा था। पास में लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। परिजन उसे लेकर तुरंत सिनर्जी अस्पताल ले गए।
लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में लिया
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि सिनर्जी अस्पताल में परिजनों ने पहले छात्र के फिसलकर गिरने की बात बताई थी। एमआरआई के दौरान पता चला कि छात्र के सिर से गोली पार हुई है। इस पर अस्पताल ने कैंट कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी।
उन्हाेंने बताया कि इंदिरानगर चौकी प्रभारी दीपक धारीवाल ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन किया है। घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया गया है। परिजनाें का कहना है कि छात्र मानसिक रूप से बीमार था और उपचार भी चल रहा था।
परिजनों को नहीं सुनाई दी गोली की आवाज
परिजनाें ने पुलिस को बताया कि उन्हें गोली की आवाज सुनाई नहीं दी। चौकी प्रभारी दीपक धारीवाल के अनुसार परिजनों ने बताया कि बेटा जब काफी देर तक टायलेट से बाहर नहीं आया तो उन्हें चिंता हुई। उन्होंने काफी आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। किसी तरह वे टायलेट में दाखिल हुए तो उन्हें घटना का पता चला। मां और पिता का कहना है कि उन्हें गोली की आवाज सुनाई नहीं दी।
पिता साथ में रखते थे लाइसेंसी पिस्टल
प्रोफे सर पिता ने पुलिस को बताया कि बेटे की मानसिक बीमारी के चलते वह हर समय पिस्टल साथ रखते थे। रविवार रात वह पिस्टल अलमारी में रखकर परिवार के बीच बैठ गए थे। इसी दौरान वह अलमारी से पिस्टल निकालकर टायलेट में ले गया और यह अनहोनी हो गई। अलमारी का दरवाजा खुला देखकर उनका माथा जरूर ठनक गया था, लेकिन यह ख्याल नहीं आया कि बेटा ऐसा भी कुछ कर सकता है।