देहरादून: मंदिर में प्रवेश पर अड़े दलित, नहीं तो बदल लेंगे धर्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जबकि परिवर्तन यात्रा के संरक्षक दौलत कुंवर देव मालियों के हटने पर ही मंदिर में प्रवेश की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि यदि उन्हें देव मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है तो वह कई सदस्यों के साथ मंदिर परिसर में धर्म परिवर्तन कर लेंगे। इस बीच, मंदिर परिसर में बंधे तीन खाडू (नर भेड़) के मरने से हालात संवेदनशील हो गए हैं।
तीन खाडू के मरने से हालात संवेदनशील, पुलिस तैनात
देव मालियों का कहना है कि मंदिर में बार-बार प्रवेश की मांग करने से देवता नाराज हो गए हैं। देर शाम देव मालियों ने यात्रा में शामिल लोगों को मंदिर परिसर से बाहर कर दिया। यात्रा में शामिल लोगों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और महिलाओं के बाल खींचे गए।
इसके बाद परिवर्तन यात्रा के संयोजक दौलत कुंवर ने चेतावनी दी कि वह बुधवार से आमरण अनशन करेंगे। मजबूरन यात्रा में शामिल लोग धर्म परिवर्तन कर लेंगे। हालात को देखते हुए एक पटवारी और दो होमगार्ड को मौके पर तैनात कर दिया गया।
पुलिस बल तैनात
सीओ स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि गांव से करीब 12 दूर क्वानू में पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस को गबेला भेजा जाएगा।
माफी मांगने पर ही मिलेगा मंदिर में प्रवेश
गुस्से में लाल आंखें, खुले बाल और हाथ में बिच्छू घास। यह विकराल रूप मंगलवार को गबेला में देव माली पर अवतरित भैरव देवता का नजर आया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक यात्रा में शामिल लोग उनसे माफी नहीं मांगते वह रास्ते में ही डटे रहेंगे। कहा कि यात्रा में शामिल लोग देवताओं पर दबाव बना रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खांडुवों ने भी रुष्ट होकर प्राण त्यागे हैं। सदियों से लोग परंपराओं का निर्वहन करते आ रहे हैं। लेकिन अब यात्रा में शामिल लोग उनका पालन नहीं करना चाहते। देव मंदिर में तभी प्रवेश मिलेगा जब वह माफी मागेंगे।
देर शाम देव मालियों ने यात्रा में शामिल लोगों को मंदिर परिसर से बाहर कर दिया। लोगों ने मारपीट का आरोप लगाय है। संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि वे बुधवार से आमरण अनशन करेंगे। मजबूरन होकर यात्रा में शामिल दलित इसाई धर्म अपनाएंगे।