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पुष्पांजलि बिल्डर प्रकरण: तिहरे हत्याकांड में आया था बिल्डर के पिता का नाम, एसआईटी करेगी ठगी के मामले की जांच  

Fri, 10 Jul 2020 09:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 10 Jul 2020 09:45 PM IST
सार

  • वर्ष 2002 में रानीपुर झाल तिहरे हत्याकांड में गए थे जेल
  • पुलिस ने शुरू की कंपनी के डायरेक्टर दीपक मित्तल की तलाश, बढ़ रहा शिकायतों का आंकड़ा
  • फ्लैट बेचने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप

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Dehradun Pushpanjali Builders case: SIT will investigate this case
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

देहरादून पुलिस के रडार पर आए पुष्पाजंलि बिल्डर्स के निदेशक दीपक मित्तल का हरिद्वार से भी गहरा नाता रहा है। वर्ष 2002 में रानीपुर झाल (ज्वालापुर) के फार्म हाउस में हुए तिहरे हत्याकांड में निदेशक के पिता अश्वनी मित्तल जेल गए थे। हालांकि साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया था। 

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 बिल्डर दीपक मित्तल का हरिद्वार में बहुत समय बीता है, उसकी पढ़ाई लिखाई भी यही हुई है। हालांकि बाद में पूरा परिवार देहरादून में शिफ्ट हो गया था। शुक्रवार को देहरादून में पुष्पांजलि बिल्डर्स के निदेशक दीपक मित्तल, उसकी पत्नी समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ फ्लैट बेचने के नाम पर ठगी करने के आरोप में राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। बिल्डर पर मुकदमे की खबर हरिद्वार में भी आग की तरह फैल गई।
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शहर के कई बड़े प्रॉपर्टी डीलरों से दीपक मित्तल के गहरे संबंध हैं। हरिद्वार में हिमगिरी होटल में दीपक मित्तल के पिता अश्वनी मित्तल की कभी साझेदारी हुआ करती थी, लेकिन कई वर्ष बाद उन्होंने होटल से खुद को अलग कर लिया था। यूपी के एक सरकारी विभाग में कार्यरत रहे अश्वनी मित्तल की वर्ष 2002 में रानीपुर झाल पर हुए तिहरे हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी।
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अश्वनी मित्तल को कुछ माह बाद जमानत मिल गई थी। कुछ वर्ष बाद तिहरे हत्याकांड के सभी आरोपी बरी भी हो गए थे। दीपक मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की बात दिन भर यहां प्रॉपर्टी डीलरों और बिल्डरों में छाई रही।

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एसआईटी करेगी ठगी की जांच 

पुष्पांजलि बिल्डर्स के खिलाफ दर्ज हुए ठगी के मामले की जांच के लिए डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने एसआईटी गठित कर दी है। अभी तक बिल्डर के खिलाफ 88 लोगों ने शिकायत की है। इनमें से पुलिस 18 लोगों की तस्दीक कर चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी और कंपनी के डायरेक्टर दीपक मित्तल की तलाश शुरू कर दी है।

राजपुर थाने में एक महिला की शिकायत पर पुष्पांजलि बिल्डर्स के डायरेक्टर दीपक मित्तल और छह अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि बिल्डर ने लग्जरी अपार्टमेंट योजना में फ्लैट बेचने के नाम पर महिला से 58 लाख रुपये हड़पे और फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया। इस मामले में शुक्रवार तक लगभग 60 से 70 शिकायतें आने की बात कही जा रही थी। लेकिन, अब मामला उजागर होने के बाद कई और लोग सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक पता चला है कि बिल्डर्स ने 88 लोगों से करोड़ों रुपये हड़पे हैं।

डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को सीओ डालनवाला विवेक कुमार के नेतृत्व में  एसआईटी का गठन किया। इसमें इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान, थानाध्यक्ष राजपुर राकेश शाह आदि भी शामिल हैं। डीआईजी अरुण मोहन जोशी के अनुसार दीपक मित्तल की तलाश में और टीमों को भी जगह जगह भेजा जा रहा है। एसआईटी के काम को लगातार मॉनिटर किया जाएगा। 

इन लोगों की हुई अभी तक तस्दीक 
अब तक 88 लोगों में से पुलिस ने 18 लोगों को तस्दीक किया है। इनमें आनंद कुमार, मोहन कुमार, चंद्रभूषण त्रिपाठी, दिग्विजय सिंह, रविंद्र राय, गुरमीत कौर, हरीशंकर, कृपाल सिंह, साक्षी राणा, अजय सीकरी, पवन माथुर, अतुल देव, शोभा, कालिंदी बडोला, वेंकट चलम, ऊषा ध्यानी, आशा ध्यानी, सिद्धांत कोटियाल। 

100 करोड़ से ज्यादा का हो सकता मामला 
अभी तक ठगी की रकम का आंकलन 40 से 50 करोड़ रुपये का बताया जा रहा था। मगर, जिस तरह से मामले आ रहे हैं उनसे अंदाजा है कि यह प्रकरण 100 करोड़ रुपये या इससे भी अधिक का हो सकता है।

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