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दिवाली का ‘शगुन’ छीन न ले दून का सुकून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 17 Oct 2014 11:51 AM IST
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खुशियों के त्योहार दिवाली में अपराधियों का ‘शगुन’ देहरादून का सुकून छीनने का सबब बन सकता है।
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नकरौंदा कांड के बाद पुलिस सर्तक
भातू, बावरिया जैसी खानाबदोश आपराधिक जनजातियां धनतेरस, दिवाली की रात को वारदातों के लिए बेहतर मानती हैं। नकरौंदा कांड के बाद सतर्क पुलिस अब राजधानी में ऐसी कोई वारदात नहीं चाहती।
यही वजह है कि क्रिमिनल ट्राइब्स पर नकेल कसने की कवायद दिवाली से पहले ही शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पहले ही खानाबदोश गिरोहों के ठिकानों पर दबिश की योजना बनाई है।
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इसके अलावा राजधानी के बाहरी क्षेत्रों में बसी बस्तियों में भी जागरूकता लाकर लोगों को भी सक्रिय किया जाएगा।
पूजा के बाद निकलते हैं हत्या के लिए
क्रिमिनल ट्राइब्स में धनतेरस और दिवाली की रात लूटपाट और नृशंस हत्याएं करना इन जनजातियों की पुरानी रस्म रही है। बताया जाता है कि इन जनजातियों में धनतेरस की शाम से पूजा अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं।
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देर रात तक पूजा-पाठ करने के बाद जनजाति के पुरुष हथियार लेकर निकल पड़ते हैं और कोई वारदात करने के बाद ही घर लौटते हैं। इसके बाद दिवाली की रात तो इनमें काली रात के तौर पर जानी जाती है। यानी इस दिन अपराध की जघन्यता और बढ़ जाती है।
यहां होगी छापेमारी
एसएसपी अजय रौतेला ने एसपी सिटी अजय सिंह और अन्य अफसरों संग बैठक कर विस्तृत योजना बनाई है। एसएसपी ने बताया कि आपराधिक जनजातियां सामान्यत: खानाबदोश जीवन जीती हैं।
इनका कोई एक ठिकाना नहीं होता, फिर भी इनके कुछ निश्चित ठिकाने चिह्नित किए गए हैं। इनमें दून का डोईवाला, हरिद्वार का पिरान कलियर, रुड़की, हिमाचल के पांवटा साहिब शामिल हैं।
बताया कि इन स्थानों में जनजाति के कुछ ऐसे लोग भी चिह्नित हुए हैं जो विभिन्न वारदातों में शामिल रहकर जेल जा चुके हैं। उनके ठिकानों पर छापे मारे जाएंगे। इसके अलावा दिवाली तक बस्तियों में कड़ी सुरक्षा रहेगी।
दूसरे जिलों से भी मांगी मदद
एसएसपी के मुताबिक क्रिमिनल टाइब्स के अलावा राजधानी चेन, पर्स और चोरी की वारदातों में सक्रिय बदमाशों पर नकेल कसने के लिए दूसरे जिलों की पुलिस मांगी गई है। बताया कि कुछ समय से यूपी के सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर के अपराधियों का दून में दखल बढ़ा है।