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देहरादून: ईश्वरन के घर डकैती डालने वाला नौवां आरोपी भी दबोचा, मेरठ का हिस्ट्रीशीटर है बदमाश

Thu, 17 Dec 2020 10:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 17 Dec 2020 10:16 PM IST
सार

  • आरोपी पर दर्ज हैं कुल 30 डकैती और लूट के मुकदमे 
  • लूटी कई ज्वेलरी भी हुई बरामद, बंटवारे में मिली थे 55 हजार रुपये और ज्वेलरी 

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Dehradun: Ninth Accused Arrested for Robbery at Ishwaran house
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

देहरादून में अभिमन्यु क्रिकेट अकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन के घर हुई डकैती के मामले में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने अंतिम नौवां आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में लूटे गए जेवरात बरामद हुए हैं। आरोपी मेरठ का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से ही डकैती और लूट के 30 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस बदमाश की कस्टडी रिमांड मांगेगी ताकि अन्य चीजें भी बरामद की जा सकें। 

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बता दें, आरपी ईश्वरन के घर सशस्त्र बदमाशों ने पिछले साल 22 सितंबर को डकैती डाली थी। हथियारों के बल पर परिवार को बंधक बनाकर घर से करोड़ों की ज्वेलरी व नगदी लूट ली गई थी। उनके घर की रेकी एक स्थानीय हजामत वाले ने की थी। इस मामले में पुलिस ने आठ दिन बाद ही विरेंद्र सिंह उर्फ ठाकुर, अदनान, मुजिफुर्ररहमान उर्फ पीरू और फुरकान को दिल्ली व छुटमलपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद एक अक्तूबर 2019 को नोएडा से फिरोज, अगले दिन नूरपुर बिजनौर से हैदर, इसके अगले दिन अरशद को चांदनी महल बाजार नई दिल्ली से और तीन जुलाई 2020 को मुरादाबाद से फईम नाम के बदमाश को गिरफ्तार कर लिया था। 
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एक अन्य आरोपी मिश्रा पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था। बदमाश का असली नाम किसी को नहीं पता था। बदमाश की तलाश में एसओजी की पूरी टीम को लगाया गया था। डीआईजी जोशी ने बताया कि एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ मसूरी नरेंद्र पंत व एसओजी के इंस्पेक्टर ऐश्वर्य पाल अपनी टीम के साथ मिश्रा के बारे में सूचनाएं इकट्ठा कर रहे थे। इसी बीच उसके मेरठ में होने का पता चला। पता चला कि उसका असली नाम मिश्रा नहीं बल्कि सुरेश जाटव है और वह अपनी ससुराल गोलाबढ़ रोहटा रोड़ थाना टीपी नगर मेरठ में रह रहा है। इंस्पेक्टर ऐश्वर्यपाल ने टीम के संग वहां छापा मारकर सुरेश जाटव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 

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ये चीजें हुई बरामद 

सुरेश जाटव उर्फ मिश्रा के पास से पुलिस ने चार चूड़ियां, एक चेन, लड़ीदार चेन, सफेद नग जड़ी एक ब्रेसलेट, मोती जड़ी ब्रेसलेट, पीली नगर जड़ी टॉप, टॉप, घंटीनुमा टॉप, कान के पांच टॉप्स, ब्रेसलेट, सफेद नग वाली चेन और एक अन्य नग बरामद हुआ। 

हरिद्वार में लूटा था ट्रक 
सुरेश जाटव एक शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से 30 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें ज्यादातर डकैती और लूट के शामिल हैं। बीते वर्षों में उसकी पुलिस से मुठभेड़ भी हो चुकी है। आरोपी वर्ष 2013 में हरिद्वार तारों से भरे ट्रक लूट मामले में भी शामिल रहा है। यही नहीं वर्ष 2008 में मयूर विहार फेस वन दिल्ली में डकैती के दौरान हत्याकांड में भी आरोपी मुख्य रूप से शामिल रहा है।   

बिल्डर के घर करनी थी डकैती, नहीं मिला मौका 
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसकी फईम के साथ दोस्ती 2008 में दिल्ली तिहाड़ जेल में हुई थी। इसके बाद गाजियाबाद निवासी फकरू के संपर्क में आए। सितंबर 2019 में फईम ने उसे घटना के पहले अदनान और वीरेंद्र ठाकुर से मिलवाया था। उन्हें पहले देहरादून में एक बिल्डर के घर डकैती करनी थी, लेकिन बहुत प्रयास करने पर भी वे सफल नहीं हो पाए। ऐसे में ठाकुर के बताए दूसरे निशाने ईश्वरन के घर पर धावा बोल दिया।  

ससुराल में एक बंकर में छुपा था मिश्रा

सुरेश जाटव उर्फ मिश्रा की मेरठ पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली हुई है। वह कई साल से मेरठ पुलिस से छुपा हुआ था। कई कई महीनों तक उसके घरवालों को भी नहीं पता रहता था कि सुरेश कहां जा रहा है और क्या कर रहा है? इस वक्त वह अपनी ससुराल के घर में बनाए एक बंकर में छुपा हुआ था। 

मेरठ पुलिस कई प्रयासों के बावजूद सुरेश को नहीं ढूंढ पाई, लेकिन दून एसओजी ने इसे जैसे अपना लक्ष्य ही बना लिया था। बीते छह माह से ज्यादा समय से एसओजी के कई कर्मचारियों को सिर्फ मिश्रा यानी सुरेश जाटव के बारे में ही पता करने क जिम्मेदारी दी गई थी।

जांच में पता चला कि वह मेरठ में अपनी ससुराल के घर के नीचे बंकर बनाकर रह रहा है। वहां से उसकी लोकेशन आदि का भी कुछ पता नहीं चल पाता था। आखिर में एसओजी की टीम खुफिया बंकर तक पहुंच गई। सुरेश इसे तहखाना कहता है। गिरफ्तारी वाली टीम में इंस्पेक्टर एश्वर्यपाल के साथ कांस्टेबल ललित, देवेंद्र, अमित, पंकज चौधरी और आशीष शामिल रहे। 

एसओजी की टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। टीम ने बहुत मेहनत करने के बाद इसे शातिर बदमाश को पकड़ा है। पुलिस अब तक इस मामले में अधिकतर लूटी गई चीजों को बरामद कर चुकी है। बाकी के लिए बदमाशों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।
-अरुण मोहन जोशी, डीआईजी, देहरादून

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