फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dehradun news: your vehicle may be seized if you spread pollution

देहरादून : प्रदूषण फैलाया तो जब्त हो सकता है आपका वाहन, प्रमाण पत्र के नए नियम हुए जारी

Mon, 21 Jun 2021 03:56 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 21 Jun 2021 03:56 PM IST
विज्ञापन
dehradun news: your vehicle may be seized if you spread pollution
प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

अब अगर आपके वाहन ने मानकों से ज्यादा प्रदूषण फैलाया तो उस पर भारी जुर्माने के साथ ही उसे जब्त भी किया जा सकता है। परिवहन मंत्रालय के यह ताजा नियम उत्तराखंड में भी लागू हो गए हैं। इससे प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की पूरी प्रक्रिया काफी सख्ती से लागू होने जा रही है। 

विज्ञापन


अब प्रदेश के सभी वाहनों के प्रदूषण सर्टिफिकेट की पूरी जानकारी मंत्रालय के नेशनल रजिस्टर से लिंक होगी। अभी तक प्रदूषण की जांच मैन्युअल करने के बाद ही संबंधित वाहन स्वामी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान था लेकिन अब नए नियमों के तहत वाहन के प्रदूषण का शक होने पर संबंधित अधिकारी सीधे नोटिस भेज सकेगा। यह नोटिस फोन एसएमएस या ई-मेल से भी जा सकता है।
विज्ञापन


नोटिस के बाद संबंधित वाहन स्वामी को पहले प्रदूषण ठीक कराना होगा, इसके बाद नया प्रमाण पत्र जारी होगा। खास बात यह भी है कि अब देशभर में यह प्रमाण पत्र एक जैसे होंगे, जिन पर बार कोड लगा होगा। इसे स्कैन करते ही वाहन और इसके स्वामी की पूरी जानकारी खुलकर सामने आ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रमाण पत्र की अवधि जैसे ही खत्म होगी, वैसे ही संबंधित वाहन स्वामी के मोबाइल पर एसएमएस भी आ जाएगा। यह नियमावली देशभर में लागू हो गई है। उत्तराखंड का परिवहन विभाग भी इसे लागू कर चुका है, जिसके अमल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जब तक प्रमाण पत्र नहीं, तब तक नहीं चला सकेंगे वाहन
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी होने तक संबंधित वाहन के पंजीयन या परमिट रद्द हो सकते हैं। वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। जब तक वाहन का नया प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बनेगा, तब तक उससे सड़क पर यात्रा नहीं की जा सकेगी।


वाहन स्वामी का मोबाइल नंबर अनिवार्य
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र पर वाहन मालिक का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। ओटीपी भेजकर नंबर का सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा पीयूसी के लिए वाहन मालिक का नाम, पता, इंजन और चेसिस नंबर भी अनिवार्य रूप से देने होंगे, जिन्हें पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed