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Dehradun: विकासनगर उप निबंधक निलंबित, डीएम के छापे में मिली थीं 150 अवैध रजिस्ट्रियां, स्टांप चोरी भी पकड़ी

Thu, 14 May 2026 08:52 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून)
संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून) Published by: Alka Tyagi Updated Thu, 14 May 2026 08:52 PM IST
सार

जिलाधिकारी ने चार मई को उप निबंधक कार्यालय विकासनगर का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उच्चतम न्यायालय की ओर प्रतिबंधित गोल्डन फॉरेस्ट के खातों में 150 अवैध रजिस्ट्रियां पकड़ी गईं।

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Dehradun News Vikasnagar Sub-Registrar Suspended alligation of Illegal Registry and Stamp Duty Evasion
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)

विस्तार

जिलाधिकारी सविन बंसल के औचक निरीक्षण के बाद विकासनगर की उप निबंधक अपूर्वा सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है। निरीक्षण में स्टांप चोरी और गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है।

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जिलाधिकारी ने चार मई को उप निबंधक कार्यालय विकासनगर का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उच्चतम न्यायालय की ओर प्रतिबंधित गोल्डन फॉरेस्ट के खातों में 150 अवैध रजिस्ट्रियां पकड़ी गईं। प्रारंभिक जांच में विक्रय के लिए प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्रियां किए जाने के मामले सामने आए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। वर्ष 2018, 2024 और 2025 तक के सैकड़ों मूल अभिलेख पत्र कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में डंप पाए गए।
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कई पंजीकृत दस्तावेज महीनों और वर्षों तक कार्यालय में रोके गए थे। 25 रजिस्ट्रियां वर्षों से बिना किसी कारण के डंप मिलीं, जिनका संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। स्टांप शुल्क चोरी से संबंधित 47 प्रकरण चिह्नित किए गए हैं। यह करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।

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अभिलेखों के रखरखाव में मिली लापरवाही
निरीक्षण में कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही और प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। रिकॉर्ड प्रबंधन में भी बड़ी अनियमितताएं पाई गईं। जिला प्रशासन के अनुसार, इन अवैधानिक रजिस्ट्रियों से न केवल राजस्व की क्षति हुई बल्कि भूमि क्रेताओं के साथ धोखाधड़ी भी हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

पुराने मामलों की भी की जाएगी जांच
वर्तमान के साथ-साथ पूर्व में तैनात सभी उप निबंधकों के कार्यकाल के दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है। प्रकरण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है ताकि दोषियों के विरुद्ध आवश्यक विभागीय और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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