{"_id":"602e970db1c65b06bd27114f","slug":"dehradun-news-fake-army-subedar-caught-from-military-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"देहरादून: मिलिट्री अस्पताल से पकड़ा सेना का फर्जी सूबेदार, गर्लफ्रेंड की नौकरी लगवाने आया था एमएच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
देहरादून: मिलिट्री अस्पताल से पकड़ा सेना का फर्जी सूबेदार, गर्लफ्रेंड की नौकरी लगवाने आया था एमएच
Thu, 18 Feb 2021 10:07 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 18 Feb 2021 10:07 PM IST
विज्ञापन
पकड़ा गया फर्जी सूबेदार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून में सेना का फर्जी सूबेदार बनकर घूम रहे एक युवक को सैन्यकर्मियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि वह अपनी गर्लफ्रेंड को नौकरी लगवाने के बहाने मिलिट्री अस्पताल (एमएच) लेकर आया था। पुलिस आरोपी युवक से पूछताछ कर रही है। आरोपी के खिलाफ फिलहाल मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। यहां मिलिट्री अस्पताल में सेना के सूबेदार की वर्दी पहनकर एक युवक घूम रहा था। वह कभी किसी दफ्तर के बाहर खड़ा होता तो कभी किसी अन्य गतिविधियों में व्यस्त हो जाता था। इन संदिग्ध गतिविधियों को देखकर ही सैन्यकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ की तो पता चला कि वह बीफार्मा का छात्र है और यह वर्दी उसने खुद बनवाई है।
विज्ञापन
पूछताछ में उसने अपना नाम कामाख्या दुबे निवासी रांची, झारखंड बताया। उसने बताया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड पर आकर्षित करने के लिए फर्जी सूबेदार बना था। उसने उसे यहां पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इंस्पेक्टर कैंट विद्याभूषण नेगी ने बताया कि सेना ने दुबे को थाना पुलिस के हवाले किया था। उससे पूछताछ की जा रही है। उसके बैकग्राउंड के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन
दाढ़ी देखकर पकड़ा गया दुबे
दुबे ने दाढ़ी रखी हुई है। चूंकि, आर्मी में ज्यादातर क्लीन सेव रहते हैं। लिहाजा, वह इसी बात को लेकर पकड़ में आ गया। बताया यह भी जा रहा है कि उसने कई बार कैंटीन में जाने का भी प्रयास किया है। हालांकि, सख्ती के कारण वह ज्यादा जगह नहीं जा पाया था।