देहरादून: दो दिन और चलेगा ‘सेल्फी विद स्कूल अभियान’, 15 जनवरी को बदहाल स्कूलों की फोटो प्रदर्शनी लगाएगी आप
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आम आदमी पार्टी स्कूलों की बदहाल तस्वीरों की हर जिले में प्रदर्शनी लगाएगी। लोगों के रुझान को देखते हुए आप ने ‘सेल्फी विद स्कूल अभियान’ दो दिन और चलाने का निर्णय लिया है।
सोमवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में आप प्रवक्ता उमा सिसोदिया व संजय भट्ट ने कहा कि ‘सेल्फी विद स्कूल अभियान’ को लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है। पार्टी ने इस अभियान को पूरे प्रदेश में दो दिन और चलाने का निर्णय लिया है।
कहा कि अभियान में प्रदेश के सैकड़ों लोगों ने बदहाल स्कूलों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर सरकार के दावों की पोल खोली है। बताया कि 15 जनवरी को प्रदेश के सभी 13 जिलों में बदहाल स्कूलों की तस्वीर-फोटों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कहा कि इन्हें पूरी जानकारी के साथ प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि प्रदेश के लोग जान सकें कि शिक्षा को लेकर भाजपा और कांग्रेस की सरकारें कितनी गंभीर थीं।
बताया कि लोगों ने पौड़ी, श्रीनगर, रामनगर, चमोली, विकासनगर, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर, चकराता के अलग-अलग स्कूलों की वीडियो और फोटो भेजी हैं, जो उत्तराखंड सरकार के शिक्षा के प्रति संवेदनहीन होने की कहानी बयां कर रही है। कहा कि दो दिन और चलने वाले इस अभियान से अभी और कई स्कूलों की हकीकत सामने आएगी।
मेरी चुनौती पर मैदान छोड़ने वाले, जनता की अदालत से कैसे भागेंगे : सिसोदिया
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता व दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि पांच कामों पर खुली बहस की चुनौती पर मैदान छोड़ने वाले भाजपा नेता जनता की अदालत से कैसे भागेंगे। त्रिवेंद्र सरकार की पोल खोलने से सरकार के मंत्री और भाजपा नेता बौखलाए हुए हैं। वे मुझे गाली दे रहे हैं, लेकिन सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं।
सिसोदिया ने कहा था कि उत्तराखंड में आप की बढ़ती लोकप्रियता भाजपा नेताओं को रास नहीं आ रही है। उन्होंने उत्तराखंड दौरे पर त्रिवेंद्र सरकार से चार सालों के कार्यकाल में पांच सालों का जवाब मांगा था। वहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा व रोजगार के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी थी। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की चुनौती स्वीकार करने के बाद बहस के लिए उत्तराखंड आया लेकिन मंत्री बहस में नहीं आए।
वहीं, दिल्ली में भी केजरीवाल मॉडल पर बहस का निमंत्रण दिया था और वहां पर नहीं आए। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। सरकारी स्कूलों के दावे जो सरकार करती है उसकी हकीकत मुख्यमंत्री की विधानसभा में ही नजर आ गई। अब प्रदेेश के गांवों व कस्बों के लोग सेल्फी विद स्कूल अभियान के माध्यम से बदहाल स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत को उजागर कर रहे हैं।